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सीबीएसई 12वीं पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया संपन्न, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा के अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है। 02 जून से 07 जून 2026 तक चली इस प्रक्रिया में 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन किया। बोर्ड के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की गई।

सरकारी तकनीकी एजेंसियों और विभिन्न आईआईटी संस्थानों की विशेषज्ञ टीमों की निगरानी में पोर्टल का संचालन हुआ। साइबर हमलों को रोकने के लिए समर्पित साइबर सुरक्षा टीमों ने लगातार निगरानी रखी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि ‘रोल नंबर नॉट फाउंड’ संदेश उन छात्रों के लिए था, जिन्होंने पहले चरण में स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं किया था। बोर्ड के नियमों के अनुसार, केवल वही छात्र सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के अगले चरण के लिए पात्र थे, जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय का नोटिस
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कक्षा 12 की परीक्षा के डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित खामियों की जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और सीबीएसई को नोटिस जारी किया है। एनएसयूआई द्वारा यह याचिका दायर की गई है। इसमें स्वतंत्र जांच, बेहतर सुरक्षा उपाय और दिशा-निर्देशों की मांग की गई है।

याचिका की मुख्य मांगें
याचिका में प्रभावित छात्रों के लिए मुआवजे की भी मांग की गई है। उच्च न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून को करेगा। यह याचिका डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।

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