बार-बार होने वाला सिरदर्द माइग्रेन है या ब्रेन ट्यूमर का संकेत, जाने अंतर?
सिरदर्द माइग्रेन का सबसे कॉमन लक्षण है। यही वजह है कि अक्सर होने वाले सिरदर्द को लोग माइग्रेन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं यह ब्रेन ट्यूमर का भी संकेत हो सकता है? जी हां, दोनों ही स्थितियों मं मरीज को सिरदर्द, उल्टी, रोशनी से परेशानी और धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए इन दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है। आइए इस वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे पर डॉ. बिपलब दास (डायरेक्टर, न्यूरोलॉजिस्ट एंड इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी, बत्रा हॉस्पिटल) से जानते हैं कि माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर के बीच अंतर कैसे पहचानें, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
माइग्रेन
माइग्रेन का सिरदर्द अक्सर समय-समय पर आता है। जब माइग्रेन अटैक होता है, तो सिरदर्द के साथ कुछ विजुअल ऑरा भी दिखाई देते हैं। इसमें आंखों के सामने आड़ी-तिरछी लाइन्स दिखाई देना, कुछ देर के लिए अंधापन या आंखों के सामने चमकीली रोशनी दिखना शामिल हैं।
माइग्रेन की सबसे बड़ी पहचान है कि इसका दौरा खत्म होते ही, इसके लक्षण पूरी तरह ठीक हो जाते हैं और मरीज बेहतर महसूस करने लगता है।
ब्रेन ट्यूमर
ब्रेन ट्यूमर के मामले में स्थिति बिल्कुल अलग होती है। इसमें होने वाला सिरदर्द समय के साथ बढ़ता जाता है और बार-बार होने लगता है। हफ्तों या महीनों तक यह दर्द लगातार बढ़ता है। ट्यूमर का सिरदर्द अक्सर खांसते समय, आगे झुकते समय या सुबह के वक्त और ज्यादा बढ़ जाता है।
इसके साथ-साथ ब्रेन ट्यूमर के मामले में कुछ न्यूरोलॉजिकल बदलाव भी नजर आते हैं, जो लगातार बने रहते हैं, जैसे- हाथ या पैर में लगातार कमजोरी महसूस होना, बैलेंस बनाने में दिक्कत, अचानक दौरे पड़ना, बोलने में या बात करने में परेशानी, याददाश्त कमजोर होना और आंखों की रोशनी कम होना।
डॉक्टर से सलाह कब है जरूरी?
ज्यादातर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर के कारण नहीं होते, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर आपको अचानक सिरदर्द की समस्या रहने लगी है या सिरदर्द लगातार बढ़ता जा रहा है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासतौर से अगर सिरदर्द के साथ ऊपर बताए गए लक्षण भी दिखाई दे रहे हों। समय पर डॉक्टर से जांच करवाना बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ने के लिए बेहद जरूरी है।



