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	<title>पर्यटन &#8211; We News</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
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		<title>2600 ईसा पूर्व कैसे बनी दुनिया की सबसे पुरानी पक्की सड़क?</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158128/</link>
		
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		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:30:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आपने कभी ऐसी सड़क के बारे में सोचा है जो आपको आधुनिक दुनिया की भीड़भाड़ से निकालकर सीधे हजारों साल पुरानी सभ्यता में ले जाए? मिस्र के गीजा शहर की ओर जाने वाला रास्ता बिल्कुल ऐसा ही है। यह ऐतिहासिक सड़क नील नदी के पश्चिमी किनारे पर, काहिरा के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="865" height="486" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/67-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/67-3.jpg 865w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-3-768x432.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/67-3-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 865px) 100vw, 865px"></p>
<p>क्या आपने कभी ऐसी सड़क के बारे में सोचा है जो आपको आधुनिक दुनिया की भीड़भाड़ से निकालकर सीधे हजारों साल पुरानी सभ्यता में ले जाए? मिस्र के गीजा शहर की ओर जाने वाला रास्ता बिल्कुल ऐसा ही है।</p>
<p>यह ऐतिहासिक सड़क नील नदी के पश्चिमी किनारे पर, काहिरा के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह रास्ता यात्रियों को आज के शोर-शराबे वाले काहिरा से दूर, प्राचीन मिस्र के अद्भुत पिरामिडों तक ले जाता है।</p>
<p><strong>2600 ईसा पूर्व बनी 12 किलोमीटर लंबी सड़क<br /></strong>आपको जानकर हैरानी होगी कि यह दुनिया की सबसे पुरानी पक्की सड़कों में से एक मानी जाती है। इसका निर्माण लगभग 2600 ईसा पूर्व यानी मिस्र के पुराने साम्राज्य के चौथे राजवंश के समय हुआ था। 4,600 वर्षों से भी अधिक पुरानी यह सड़क करीब 12 किलोमीटर लंबी और 6.5 फीट चौड़ी है। इतने साल बीत जाने के बाद भी यह सड़क प्राचीन मिस्र की बेहतरीन वास्तुकला और शानदार इंजीनियरिंग की कहानी बयां करती है।</p>
<p><strong>बिना इस सड़क के कभी न बन पाते मिस्र के अजूबे<br /></strong>आखिर इतनी पुरानी सड़क क्यों बनाई गई थी? दरअसल, प्राचीन काल में पिरामिड और भव्य मंदिर बनाने के लिए बहुत भारी पत्थरों की जरूरत होती थी। ये पत्थर नील नदी के किनारे मौजूद चट्टानी खदानों से निकाले जाते थे। इन भारी-भरकम पत्थरों को खदानों से निर्माण स्थल तक लाने के लिए ही इसी रास्ते का इस्तेमाल किया जाता था। इसी सड़क की बदौलत मिस्र के उन विशाल और ऐतिहासिक पिरामिडों का निर्माण संभव हो पाया, जो आज 4500 सालों से भी ज्यादा पुराने हैं।</p>
<p><strong>शाही इतिहास का गवाह है मिस्र का यह मार्ग<br /></strong>यह रास्ता सिर्फ पत्थरों की ढुलाई तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका गहरा सांस्कृतिक महत्व भी है। यह सड़क मानव सभ्यता की एक बहुत बड़ी और महान उपलब्धि का प्रतीक है। पुराने समय में इस सड़क का उपयोग मुख्य रूप से शाही और धार्मिक आयोजनों के लिए किया जाता था। राजाओं के भव्य जुलूस इसी रास्ते से होकर गुजरते थे, जिसके कारण गीजा की इस ऐतिहासिक सड़क को ‘प्रोसेशनल वे’ (जुलूस का मार्ग) भी कहा जाता है।</p>
<p><strong>आज कैसा है इस सड़क का नजारा?<br /></strong>आज जब यात्री इस रास्ते से गुजरते हैं, तो आसपास का रेगिस्तानी नजारा उन्हें एक अलग ही रोमांच से भर देता है। सफर के दौरान रास्ते में ऊंटों की सवारी और वहां के स्थानीय बाजारों की खूबसूरत झलक भी देखने को मिलती है। वहीं, जब शाम ढलती है, तो सूर्यास्त की सुनहरी रोशनी में पिरामिडों की चमक इस सड़क के सफर को और भी ज्यादा जादुई और यादगार बना देती है।</p>
</div>
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		<title>टूरिस्ट स्पॉट जैसे दिखते हैं भारत के ये 8 एयरपोर्ट!</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157833/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:33:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[देशभर में आज नोएडा के भव्य ‘जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ की चर्चा बनी हुई है। दरअसल, 28 मार्च शनिवार को एयरपोर्ट का शानदार उद्घाटन किया गया। यह हवाई अड्डा अपनी आधुनिकता और विशालता के लिए सुर्खियां बटोर ही रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में पहले से ही कई ऐसे हवाई अड्डे मौजूद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="894" height="494" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/65-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/65-13.jpg 894w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/65-13-768x424.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 894px) 100vw, 894px"></p>
<p>देशभर में आज नोएडा के भव्य ‘जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ की चर्चा बनी हुई है। दरअसल, 28 मार्च शनिवार को एयरपोर्ट का शानदार उद्घाटन किया गया।</p>
<p>यह हवाई अड्डा अपनी आधुनिकता और विशालता के लिए सुर्खियां बटोर ही रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में पहले से ही कई ऐसे हवाई अड्डे मौजूद हैं, जो किसी पर्यटन स्थल से कम नहीं हैं? आइए सैर करते हैं भारत के कुछ सबसे मनमोहक हवाई अड्डों की:-</p>
<p><strong>इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट, नई दिल्ली<br /></strong>यह देश का सबसे बिजी एयरपोर्ट होने के साथ-साथ स्टाइल का भी प्रतीक है। इसका टर्मिनल 3 अपनी शानदार बनावट, वर्ल्ड-क्लास लाउंज और खूबसूरत कलाकृतियों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां कदम रखते ही राजधानी की भव्यता का एहसासहोता है।</p>
<p><strong>छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मुबंई<br /></strong>इसका टर्मिनल 2 (T2) मॉडर्न डिजाइन और भारतीय संस्कृति का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। यहां मौजूद ‘जया हे’ म्यूजियम में 7,000 से ज्यादा कलाकृतियां सजाई गई हैं, जो इसे सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर भी बनाती हैं।</p>
<p><strong>कुशोक बकुला रिम्पोची एयरपोर्ट, लेह<br /></strong>यह एयरपोर्ट अपने आप में बेहद खास है। यह हिमालय की बर्फीली वादियों के बीच बसा दुनिया के सबसे ऊंचे एयरपोर्ट्स में से एक है। यहां से उड़ाने भरने पर खिड़की से दिखने वाले बर्फ से ढके पहाड़ों के नजारे इतने खूबसूरत होते हैं, जिन्हें आप जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।</p>
<p><strong>वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पोर्ट ब्लेयर<br /></strong>अंडमान और निकोबार के इस एयरपोर्ट के रनवे से ही आपको नीले पानी और हरी-भरी वादियों के दिलकश नजारे देखने को मिलते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां से अपनी यात्रा शुरू करना किसी सपने जैसा है।</p>
<p><strong>लेंगपुई एयरपोर्ट, मिजोरम<br /></strong>पहाड़ियों के बीच एक पठार पर बना यह एयरपोर्ट अपने आप में एक अजूबा है। इसका रनवे नेचुरली ढलान वाला है, जो इसे तकनीकी और नेचुरली दोनों ही नजरिए से बेहद रोमांचक और खास बनाता है।</p>
<p><strong>कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, केरल<br /></strong>यह एयरपोर्ट अपने आप में बेहद खास है, क्योंकि यह दुनिया का पहला ऐसा हवाई अड्डा है, जो पूरी तरह से सोलर एनर्जी से चलता है। इसकी हरियाली और ईको-फ्रेंडली डिजाइन न सिर्फ पर्यावरण को बचाते हैं, बल्कि आंखों को भी बेहद सुकून देते हैं।</p>
<p><strong>केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बेंगलुरु<br /></strong>भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ का यह एयरपोर्ट अपने खूबसूरत गार्डन्स और शानदार आर्किटेक्चर के लिए मशहूर है। यह शहर की हाई-टेक इमेज के साथ-साथ एक बेहद गर्मजोशी भरा और सुकून देने वाला माहौल देता है।</p>
<p><strong>जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, राजस्थान<br /></strong>यहां आते ही आपको राजपूताना शान और संस्कृति की झलक मिल जाएगी। इसकी पारंपरिक सजावट और जीवंत रंग ‘गुलाबी शहर’ की विरासत को बेहद खूबसूरती से दर्शाते हैं।</p>
</div>
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		<title>हवाई यात्री ध्यान दें! अब 48 घंटे में टिकट कैंसिल करने पर मिलेगा पूरा रिफंड</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157835/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:33:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आप भी फ्लाइट की टिकट कैंसिल करने पर कटने वाले भारी-भरकम चार्ज और रिफंड के लंबे इंतजार से परेशान हैं? अगर हां, तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। DGCA ने 26 मार्च 2026 से हवाई टिकट रिफंड के नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का खास मकसद रिफंड प्रक्रिया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="919" height="516" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/56-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/56-33.jpg 919w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/56-33-768x431.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/56-33-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 919px) 100vw, 919px"></p>
<p>क्या आप भी फ्लाइट की टिकट कैंसिल करने पर कटने वाले भारी-भरकम चार्ज और रिफंड के लंबे इंतजार से परेशान हैं? अगर हां, तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। DGCA ने 26 मार्च 2026 से हवाई टिकट रिफंड के नए नियम लागू कर दिए हैं।</p>
<p>इन नियमों का खास मकसद रिफंड प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाना है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इन नए नियमों से आपको क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं।</p>
<p><strong>48 घंटे का ‘लुक-इन’ ऑप्शन और फ्री कैंसिलेशन<br /></strong>यह नियम उन लोगों के लिए बेहद काम का है जिनसे टिकट बुक करते समय अक्सर कोई गलती हो जाती है या जिनका प्लान अचानक बदल जाता है।</p>
<p>अब आपको टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर उसे कैंसिल करने या उसमें बदलाव करने की आजादी मिलेगी, और इसके लिए कोई भी एक्स्ट्रा कैंसिलेशन चार्ज नहीं देना होगा।</p>
<p>ध्यान रखने वाली बात है कि यह फायदा आपको तभी मिलेगा जब आपने एयरलाइन की अपनी वेबसाइट से सीधे बुकिंग की हो। साथ ही, यह नियम उन घरेलू उड़ानों पर लागू नहीं होगा जिनकी रवानगी बुकिंग के 7 दिन के अंदर है। विदेशी उड़ानों के लिए यह अंतर 15 दिन का होना चाहिए।</p>
<p><strong>रिफंड के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार<br /></strong>नए नियमों ने रिफंड मिलने की समय-सीमा को पूरी तरह से तय कर दिया है:</p>
<p>नकद बुकिंग: अगर आपने एयरलाइन के काउंटर से कैश देकर टिकट खरीदी थी, तो कैंसिल करने पर आपको वहीं से तुरंत नकद रिफंड मिल जाएगा।<br />क्रेडिट कार्ड बुकिंग: क्रेडिट कार्ड से किए गए पेमेंट का पैसा टिकट कैंसिल होने के 7 दिन के अंदर सीधे आपके कार्ड अकाउंट में वापस आ जाएगा।<br />ट्रैवल एजेंट या वेबसाइट से बुकिंग: अगर आपने किसी ट्रैवल एजेंट या थर्ड-पार्टी पोर्टल से टिकट ली है, तो भी रिफंड की असली जिम्मेदारी एयरलाइन की ही होगी। एयरलाइन को यह पक्का करना होगा कि 14 वर्किंग डेज के अंदर आपका रिफंड प्रोसेस हो जाए।</p>
<p><strong>कैंसिलेशन चार्ज की सीमा तय<br /></strong>अब एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंट कैंसिलेशन के नाम पर अपनी मर्जी से मनमाना पैसा नहीं काट सकते।</p>
<p>किसी भी हाल में कैंसिलेशन चार्ज आपके टिकट के ‘बेसिक फेयर’ और ‘फ्यूल सरचार्ज’ को मिलाकर बनने वाली रकम से ज्यादा नहीं हो सकता।<br />DGCA ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि टिकट बुक करते वक्त ही कैंसिलेशन चार्ज की पूरी जानकारी साफ-साफ शब्दों में यात्री को बताई जानी चाहिए।</p>
<p><strong>टैक्स और फीस की पूरी वापसी<br /></strong>अगर आपकी टिकट ‘प्रमोशनल’ या स्पेशल किराये वाली है (जिसका बेसिक किराया वापस नहीं होता), या आप अपनी फ्लाइट नहीं ले पाते हैं, तो भी एयरलाइंस को आपको सारे टैक्स और एयरपोर्ट फीस (जैसे UDF, ADF, PSF) वापस लौटाने ही होंगे।</p>
<p><strong>बिना आपकी मर्जी के पैसे ‘क्रेडिट शेल’ में नहीं जाएंगे<br /></strong>कई बार एयरलाइंस पैसे वापस करने के बजाय उसे आपके अकाउंट में ‘क्रेडिट’ के तौर पर सेव कर देती थीं, ताकि आप अगली बार उनकी फ्लाइट बुक करें। अब एयरलाइंस ऐसा खुद से नहीं कर सकतीं। आपके पैसे को ‘क्रेडिट शेल’ में तभी रखा जाएगा, जब आप खुद इसकी इजाजत देंगे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP में देवी का अनोखा धाम, जहां 300 फीट ऊंची चोटी पर एक साथ विराजीं हैं तुलजा भवानी और मां चामुंडा</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157779/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:33:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में, इंदौर और उज्जैन के करीब बसा देवास शहर अपनी कला, साहित्य और अध्यात्म के लिए जाना जाता है। इस शहर की सबसे बड़ी पहचान है यहां की ऐतिहासिक ‘माता टेकरी’, जहां आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ता है कि हर कोई मां की भक्ति में लीन हो जाता है। अगर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="920" height="468" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/6-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/6-18.jpg 920w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/6-18-768x391.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 920px) 100vw, 920px"></p>
<p>मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में, इंदौर और उज्जैन के करीब बसा देवास शहर अपनी कला, साहित्य और अध्यात्म के लिए जाना जाता है। इस शहर की सबसे बड़ी पहचान है यहां की ऐतिहासिक ‘माता टेकरी’, जहां आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ता है कि हर कोई मां की भक्ति में लीन हो जाता है। अगर आप भी यहां दर्शन करने की सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं इस चमत्कारिक और ऐतिहासिक स्थल से जुड़ी हर एक दिलचस्प जानकारी।</p>
<p><strong>देवास का नाम कैसे पड़ा?<br /></strong>इस शहर के नामकरण के पीछे मुख्य रूप से दो मान्यताएं हैं:</p>
<p>धार्मिक मान्यता: ऐसा माना जाता है कि दो देवियों (देवों) के वास के कारण ही इस स्थान का नाम ‘देवास’ पड़ा।<br />ऐतिहासिक मत: कुछ इतिहासकारों का मानना है कि ‘दिवासा’ नाम के एक अंग्रेज व्यापारी के यहां आने के कारण इसका नाम देवास रखा गया। हालांकि, लोगों की गहरी आस्था देवियों के वास वाली कहानी को ही मानती है।</p>
<p><strong>सती के रक्त से बना ‘रक्तपीठ’<br /></strong>युवा लेखक अमितराव पवार के अनुसार, माता टेकरी को एक ‘रक्तपीठ’ माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती के हृदय भाग से रक्त की बूंदें गिरी थीं। इसी पवित्र स्थान पर पहाड़ों के बीच से रक्तवाहिनी मां चामुंडा प्रकट हुईं, जबकि मां तुलजा भवानी यहां स्वयंभू अवतरित हुईं।</p>
<p><strong>रूठी हुई दो बहनों की रोचक कथा<br /></strong>यहां मां तुलजा भवानी को ‘बड़ी माता’ और मां चामुंडा को ‘छोटी बहन’ या ‘छोटी माता’ कहा जाता है। एक पुरानी किंवदंती के अनुसार, एक बार दोनों बहनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और वे नाराज होकर टेकरी छोड़कर जाने लगीं।</p>
<p>बड़ी माता गुस्से में पाताल में समाने लगीं, जबकि छोटी माता टेकरी से नीचे उतरने लगीं। यह देखकर भैरवजी और हनुमानजी उन्हें मनाने आए। तब तक बड़ी माता का आधा शरीर पाताल में जा चुका था और छोटी माता काफी नीचे आ चुकी थीं। विनती सुनने के बाद दोनों देवियां उसी अवस्था में वहीं रुक गईं। यही कारण है कि आज भी बड़ी माता का आधा हिस्सा पाताल में माना जाता है।</p>
<p><strong>राजघरानों की कुलदेवियां<br /></strong>देवास में एक समय में पवार राजवंश की दो रियासतों (सीनियर और जूनियर) का शासन था।</p>
<p>जूनियर रियासत: इनकी कुलदेवी मां तुलजा भवानी थीं (कुछ लोग इन्हें होल्कर घराने की कुलदेवी भी मानते हैं)।<br />सीनियर रियासत: इनकी कुलदेवी मां चामुंडा हैं। वर्तमान में सीनियर रियासत का राजपरिवार (विधायक गायत्रीराजे पवार और उनका परिवार) यहीं निवास करता है।</p>
<p><strong>उज्जैन तक जाने वाली 45 किलोमीटर लंबी गुप्त सुरंग<br /></strong>नौवीं शताब्दी के इस मंदिर का इतिहास बहुत गहरा है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य यहां अक्सर आते थे और उन्होंने यहां उज्जैन के हरसिद्धि मंदिर की तर्ज पर ‘दीपमालिका’ का निर्माण करवाया था।</p>
<p>सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि प्राचीन काल में टेकरी पर एक गुप्त सुरंग हुआ करती थी, जिसकी लंबाई लगभग 45 किलोमीटर थी। यह सुरंग सीधे उज्जैन की भर्तृहरि गुफा के पास निकलती थी। कहा जाता है कि राजा भर्तृहरि इसी गुप्त रास्ते से माता की पूजा और तपस्या करने यहां आते थे।</p>
<p><strong>नाथ संप्रदाय और संगीत दिग्गजों की तपोभूमि<br /></strong>देवास की यह टेकरी केवल आस्था ही नहीं, बल्कि साधना और कला का भी केंद्र रही है:</p>
<p>नाथ संप्रदाय: गुरु गोरक्षनाथ, राजा भर्तृहरि और शीलनाथ महाराज जैसे कई महान योगियों ने इसे अपनी साधना स्थली बनाया। यहां पूजा भी नाथ संप्रदाय की परंपरा से ही होती है।<br />संगीत की दुनिया: महान शास्त्रीय गायक पं. कुमार गंधर्व जब गंभीर रूप से बीमार हुए, तो वे देवास आ गए। यहां के आध्यात्मिक वातावरण ने उन्हें स्वस्थ कर दिया और वे यहीं बस गए। उनके अलावा उस्ताद रजबअली खां साहब और राजकवि झोकरकर जैसी कई महान विभूतियों का इस धरती से गहरा नाता रहा है।</p>
<p><strong>दर्शन और आरती का समय<br /></strong>टेकरी पर कालिका माता, अन्नपूर्णा माता, खो-खो माता, दक्षिणमुखी हनुमान और भैरव मंदिर जैसे कई अन्य पवित्र स्थल भी हैं। दर्शन की व्यवस्था कुछ इस प्रकार है:</p>
<p>मंदिर खुलने का समय: सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक<br />तुलजा भवानी आरती: सुबह 5:50 बजे और शाम 6:10 बजे<br />चामुंडा माता आरती: सुबह 6:30 बजे और शाम 6:00 बजे<br />नवरात्र विशेष: मौसम के अनुसार आरती के समय में हल्का बदलाव होता है। नवरात्र के दौरान यहां 24 घंटे माता का दरबार खुला रहता है। शारदीय नवरात्र में लगभग 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और अष्टमी के दिन राजपरिवार द्वारा विशेष हवन-पूजन किया जाता है।</p>
<p><strong>कैसे पहुंचें माता के दरबार?<br /></strong>पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने के लिए 300 से अधिक सीढ़ियां और रैंप है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए रोप-वे की सुविधा भी उपलब्ध है।</p>
<p>हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर है, जो देवास से मात्र 35 किमी दूर है।<br />रेल मार्ग: देवास जंक्शन सीधे दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और जयपुर जैसे बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।<br />सड़क मार्ग: यह शहर नेशनल हाईवे-3 (एबी रोड) पर स्थित है। आप बस या निजी वाहन से मुंबई, भोपाल, कोटा और दिल्ली से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इस बार जयपुर या उदयपुर नहीं, राजस्थान के ये 4 ऑफबीट डेस्टिनेशन्स आपके ट्रिप को बना देंगे यादगार</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157347/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 12:30:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://wenews.co.in/NewsArticle/157347/</guid>

					<description><![CDATA[राजस्थान का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में अक्सर जयपुर, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर जैसी मशहूर जगहों का ख्याल आता है। इस रंग-बिरंगे राज्य में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जिसके बारे में सिर्फ कम ही लोग जानते हैं। ये लोकेशन न सिर्फ शांत, खूबसूरत और नेचर से भरी है, बल्कि संस्कृति, इतिहास &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="780" height="404" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-33.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-33-768x398.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px"></p>
<p>राजस्थान का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में अक्सर जयपुर, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर जैसी मशहूर जगहों का ख्याल आता है। इस रंग-बिरंगे राज्य में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जिसके बारे में सिर्फ कम ही लोग जानते हैं। ये लोकेशन न सिर्फ शांत, खूबसूरत और नेचर से भरी है, बल्कि संस्कृति, इतिहास और सादगी के लिए भी जानी जाती है।</p>
<p>अगर आप भी हर बार एक जैसी जगह जाकर बोर हो गए हैं और इस बार कुछ नया और हटकर एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो राजस्थान की ये ऑफबीट जगहें आपके ट्रिप को यादगार बना सकती हैं।</p>
<p><strong>राजसमंद</strong></p>
<p>अगर आप किले जैसी जगहों पर जाना पसंद करते हैं, तो राजस्थान के राजसमंद जा सकते हैं। यहां पर आप कुंभलगढ़ किला घूम सकते हैं, जो एक यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। यह दुनिया की दूसरी सबसे लंबी और भारत की सबसे बड़ी दीवार है, जिसे ‘द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है। इसके चारों तरफ फैले पहाड़ और हरियाली इसे और भी खास बना देती हैं।</p>
<p>यहां आकर आप किले के इतिहास के साथ-साथ जंगल सफारी और ट्रैकिंग का भी मजा ले सकते हैं। वहीं, शाम के समय यहां का नजारा काफी देखने लायक होता है, जहां से आप खूबसूरत तस्वीरें भी ले सकते हैं।</p>
<p><strong>बाड़मेर</strong></p>
<p>बाड़मेर राजस्थान के खूबसूरत शहरों में से एक है। यह शहर अपने किलों, प्राचीन मंदिरों और रेगिस्तानी टीलों के लिए जाना जाता है। भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ सुकून के पल बिताने के लिए यह लोकेशन आपके लिए परफेक्ट हो सकती है। आप यहां पर महाबार सैंड ड्यून्स, नाकोड़ा जैन मंदिर, किराडू मंदिर और बाड़मेर किला घूम सकते हैं।</p>
<p><strong>झालावाड़</strong></p>
<p>फैमिली या फ्रेंड्स के साथ घूमने के लिए ऑफबीट जगह ढूंढ रहे हैं, तो राजस्थान के झालावाड़ जिले को ऑप्शन में रखें। यहां का वातावरण काफी खूबसूरत, शांत और नेचर से भरा है, जहां आकर आप अपने ट्रिप को यादगार बना सकते हैं। यहां आकर आप झालावाड़ किला, गागरोन किला और चंद्रभागा मंदिर जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</p>
<p><strong>बूंदी</strong></p>
<p>अपने ट्रिप को मजेदार और यादगार बनाने के लिए राजस्थान के बूंदी शहर को भी चुन सकते हैं। यह शहर अपने पुराने महलों, स्टेपवेल्स (बावड़ियां) और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। यहां पर घूमने के लिए तारागढ़ किला और बूंदी पैलेस भी मौजूद है, जहां पर आप अपनी शानदार तस्वीरें ले सकते हैं। इसके अलावा, यहां की बावड़ियां और झरने भी आपको खूब पसंद आएंगे। अगर आप इतिहास और कला में रुचि रखते हैं, तो यह लोकेशन आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोवा-मनाली छोड़िए, हनीमून के लिए चुनें भारत की 4 ऑफबीट जगहें</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157317/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 12:33:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[शादी सिर्फ दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि एक नए रिश्ते की शुरुआत होती है। शादी के बाद हर कपल चाहता है कि उनकी हनीमून ट्रिप बेहद खास और यादगार हो। आमतौर पर लोग शिमला, मनाली या गोवा जैसे फेमस डेस्टिनेशन्स जाने का सोचते हैं, लेकिन अब यह जगह भीड़भाव से भर चुकी है। ऐसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="912" height="465" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-28.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-28.jpg 912w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-28-768x392.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 912px) 100vw, 912px"></p>
<p>शादी सिर्फ दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि एक नए रिश्ते की शुरुआत होती है। शादी के बाद हर कपल चाहता है कि उनकी हनीमून ट्रिप बेहद खास और यादगार हो। आमतौर पर लोग शिमला, मनाली या गोवा जैसे फेमस डेस्टिनेशन्स जाने का सोचते हैं, लेकिन अब यह जगह भीड़भाव से भर चुकी है।</p>
<p>ऐसे में अब कपल्स भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट्स को छोड़ ऐसी जगहों की तलाश में हैं, जहां शोर न हो और सुकून हो। अगर आप भी हनीमून के लिए गोवा-मनाली से हटकर कुछ अलग लोकेशन सर्च कर रहे हैं, तो भारत के इन ऑफबीट डेस्टिनेशन्स को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</p>
<p><strong>तीर्थन वैली – हिमाचल प्रदेश<br /></strong>हनीमून के लिए बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट्स में से एक तीर्थन वैली है, जो हिमाचल प्रदेश में स्थित है। यह जगह अपनी खूबसूरत वादियों, नदियों, नेचर और शांत माहौल के लिए जाना जाती है, जहां आकर आप अपने पार्टनर के साथ ट्रिप को यादगार और खास बना सकते हैं। यहां पर आपको घूमने के लिए ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, जालोरी पास, सेरोलसर लेक, गैधर वॉटरफॉल और बूढ़ी नागिन मंदिर जैसे बेस्ट लोकेशन मिल जाएंगे।</p>
<p><strong>गोकर्ण – कर्नाटक<br /></strong>अगर आप साउथ की तरफ घूमने जाने का सोच रहे हैं, तो कर्नाटक राज्य में स्थित गोकर्ण शहर को भी ऑप्शन में रख सकते हैं। यह जगह नेचर लवर्स और सी लवर्स के लिए एकदम परफेक्ट है। इतना ही नहीं, गोकर्ण भारत का फेमस हिंदू तीर्थ स्थल भी है।</p>
<p>यह कम भीड़भाड़ वाली जगह होने के कारण आप अपने पार्टनर के साथ शांति से समय बीता सकते हैं। ओम बीच, कुडले बीच, मिर्जन फोर्ट और विभूती वॉटरफॉल जैसे लोकेशन्स पर आपकी तस्वीरें भी खूबसूरत आएंगी।</p>
<p><strong>जीरो वैली – अरुणाचल प्रदेश<br /></strong>अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले से लगभग 1700 मीटर ऊंचाई पर स्थित जीरो वैली एक शांत और खूबसूरत जगह है। जो अपनी खास संस्कृति, धान की खेती और जीरो म्यूजिक फेस्टिवल के लिए जानी जाती है। अगर आप अपने हनीमून को मजेदार और यादगार बनाना चाहते हैं, तो एक बार यहां जरूर आएं। यहां की खूबसूरत वादियां और नजारे आपका दिल जीत लेंगे।</p>
<p><strong>चेरापूंजी – मेघालय<br /></strong>मेघालय की खूबसूरत जगह चेरापूंजी को सोहरा के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप प्रकृति और खूबसूरत वादियों में अपने हनीमून को परफेक्ट बनाना चाहते हैं, तो चेरापूंजी से बेस्ट ऑप्शन शायद कुछ भी नहीं। यहां पर आपको कई तरह से वॉटरफॉल मिल जाएंगे। जहां पर आप अपने पार्टनर के साथ यादों को तस्वीरों में कैद कर सकते हैं।</p>
<p>यह हिल स्टेशन दुनिया की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। इस लोकेशन के पास आपको मासस्मा गुफा, सात बहनों का झरना, क्रेम मावमलुह गुफा, नेशनल पार्क और क्रेम फिलेट जैसी खूबसूरत स्पॉट घूमने को मिल जाएंगे।</p>
</div>
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			</item>
		<item>
		<title>ट्रेकिंग लवर्स के लिए स्वर्ग है उत्तराखंड का ‘पंचाचूली पर्वत’</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157245/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 12:33:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पांच ऐसी भव्य हिमालयी चोटियां हैं, जो सीधा आसमान को छूती हुई सी लगती हैं? इन्हें ‘पंचाचूली पर्वत’ कहा जाता है। ये खूबसूरत पहाड़ कुमाऊं क्षेत्र के पूर्वी भाग में दारमा घाटी के दुग्तू गांव के करीब स्थित हैं। अगर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="780" height="447" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-20.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-20.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-20-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px"></p>
<p>क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पांच ऐसी भव्य हिमालयी चोटियां हैं, जो सीधा आसमान को छूती हुई सी लगती हैं? इन्हें ‘पंचाचूली पर्वत’ कहा जाता है। ये खूबसूरत पहाड़ कुमाऊं क्षेत्र के पूर्वी भाग में दारमा घाटी के दुग्तू गांव के करीब स्थित हैं।</p>
<p>अगर आप इन शानदार पर्वतों का सबसे मनमोहक नजारा देखना चाहते हैं, तो समुद्र तल से लगभग 2,200 मीटर की ऊंचाई पर बसे मुनसियारी हिल स्टेशन से बेहतर कोई जगह नहीं है।</p>
<p><strong>क्या है इस नाम के पीछे की पौराणिक कथा?<br /></strong>आखिर इन पर्वतों का नाम ‘पंचाचूली’ ही क्यों पड़ा? इसके पीछे महाभारत काल की एक बेहद रोचक मान्यता जुड़ी है। ‘पंचाचूली’ का अर्थ होता है- पांच चूल्हे यानी खाना पकाने की अग्नि। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब पांचों पांडव अपनी जीवन यात्रा समाप्त कर स्वर्ग की ओर प्रस्थान कर रहे थे, तो उन्होंने अपना आखिरी भोजन इसी जगह पर पकाया था। उन पांच भाइयों के इन्हीं पांच चूल्हों की याद में इन गगनचुंबी पर्वतों को ‘पंचाचूली’ का नाम दिया गया।</p>
<p><strong>चुनौतियों से भरा है यह बर्फीला सफर<br /></strong>इन चोटियों की ऊंचाई 6,334 मीटर से लेकर 6,904 मीटर के बीच है। अत्यधिक ऊंचाई होने के कारण यहां अक्सर बर्फीले तूफान आते हैं और बड़े-बड़े ग्लेशियर मौजूद हैं, जो इसकी चढ़ाई को बेहद चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। यही वजह है कि यह स्थान विशेष रूप से अनुभवी और साहसी पर्वतारोहियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। अगर आप यहां की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच का समय सबसे अनुकूल माना जाता है।</p>
<p><strong>ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए है किसी स्वर्ग के समान<br /></strong>पंचाचूली का इलाका ट्रेकिंग करने वालों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां कई ऐसे ट्रेक मौजूद हैं, जहां से प्रकृति के बेहद मनोरम दृश्य दिखाई देते हैं। यहां के कुछ सबसे प्रसिद्ध ट्रेक मार्ग इस प्रकार हैं:</p>
<p>खालिया टॉप ट्रेक: यह एक ऐसा मार्ग है जहां से पंचाचूली पर्वतों का सबसे अद्भुत और स्पष्ट नजारा देखने को मिलता है।<br />मिलम ग्लेशियर ट्रेक: यह एक लंबा और साहसिक रास्ता है, जो पुराने समय के प्राचीन और व्यापारिक मार्गों से होकर गुजरता है।<br />रालम ग्लेशियर ट्रेक: अगर आप प्रकृति के बीच शांति पाना चाहते हैं, तो यह ट्रेक आपके लिए है। यहां भीड़भाड़ कम होती है और यह प्राकृतिक सुंदरता से लबालब भरा हुआ है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>बोरिंग वीकेंड को बनाना चाहते हैं यादगार? तो राजस्थान के इन 7 शहरों को जरूर करें एक्सप्लोर</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157166/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 12:34:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आप भी वही बोरिंग वीकेंड बिताकर थक चुके हैं? और इस बार नेटफ्लिक्स की बजाय शॉर्ट ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो राजस्थान बेस्ट लोकेशन हो सकता है। हर शहर की अपनी अलग पहचान और खासियत होती है। यहां पर आपको पुराने किले, खूबसूरत झीलें, रेगिस्तान और कई ट्रेडिशनल मार्केट्स देखने को मिलेंगे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="780" height="413" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-10.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/5-10.jpg 780w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/5-10-768x407.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px"></p>
<p>क्या आप भी वही बोरिंग वीकेंड बिताकर थक चुके हैं? और इस बार नेटफ्लिक्स की बजाय शॉर्ट ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो राजस्थान बेस्ट लोकेशन हो सकता है। हर शहर की अपनी अलग पहचान और खासियत होती है। यहां पर आपको पुराने किले, खूबसूरत झीलें, रेगिस्तान और कई ट्रेडिशनल मार्केट्स देखने को मिलेंगे। अगर आप भी इस बार राजस्थान जा रहे हैं, तो इन जगहों पर जाना न भूलें।</p>
<p><strong>जयपुर</strong></p>
<p>राजस्थान की राजधानी जयपुर को ‘पिंक सिटी’ भी कहा जाता है। यहां का हवा महल अपनी खूबसूरत खिड़कियों के लिए मशहूर है, जबकि आमेर किला अपने पुराने इतिहास के लिए। यहां आकर सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और ब्यूटीफुल मार्केट्स को एक्सप्लोर करके ट्रिप को यादगार बना सकते हैं। शॉपिंग लवर्स यहां की पारंपरिक जूलरी और राजस्थानी कपड़े को जरूर ट्राई करें</p>
<p><strong>जैसलमेर</strong></p>
<p>अगर आप रेगिस्तान का असली मजा लेना चाहते हैं, तो जैसलमेर जा सकते हैं। जैसलमेर को गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। आप यहां फ्रेंड्स और फैमिली के साथ जैसलमेर किला, खूबसूरत हवेलियों और तनोट माता मंदिर भी घूम सकते हैं। सम सैंड ड्यून्स में ऊंट की सवारी और रात को कैंपिंग का एक्सपीरियंस आपके वीकेंड ट्रिप को मजेदार बना देगा।</p>
<p>वीकेंड पर भीड़भाड़ से दूर शांत जगह पर समय बीताने के लिए उदयपुर बेहतरीन डेस्टिनेशन है। इस शहर को झीलों की नगरी भी कहा जाता है। यह रोमांटिक माहौल और शांत झीलों के लिए मशहूर है। यहां पर आप लेक पिचोला में बोट राइड का आनंद ले सकते है। सनसेट लवर्स झील किनारे डूबते हुए सूरज का खूबसूरत नजारा भी देख सकते हैं।</p>
<p><strong>जोधपुर</strong></p>
<p>राजस्थान के जोधपुर को ‘ब्लू सिटी’ भी कहा जाता है। यहां का मेहरानगढ़ किला भारत के शानदार किलों में से एक है, जहां पर आप अपनी खूबसूरत तस्वीरें भी ले सकते हैं। जोधपुर में ऊंट की सवारी और कैंपिंग बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए काफी मजेदार हो सकता है। जब आप यहां आएं तो दाल बाटी चूरमा जैसे लोकल खाने का स्वाद लेना न भूलें।</p>
<p><strong>बीकानेर</strong></p>
<p>बीकानेर अपने ऐतिहासिक किले और स्वादिष्ट भुजिया के लिए फेमस है। यहां का जूनागढ़ किला अपनी शानदार खूबसूरती से लोगों का दिल जीत लेता है। वहीं, गजनेर पैलेस, लालगढ़ पैलेस, करणी माता मंदिर, थार रेगिस्तान और रामपुरिया हवेलियां भी यहां पर घूमने के लिए बेस्ट लोकेशन्स हैं। अगर आप भीड़ से दूर शांति चाहते हैं, तो बीकानेर जरूर आएं।</p>
<p><strong>माउंट आबू</strong></p>
<p>राजस्थान की गर्मी से राहत चाहिए तो माउंट आबू बेहतरीन जगह है। यहां की नक्की लेक में बोटिंग और खूबसूरत वादियां माइंड को फ्रेश कर देती हैं। अगर आप माउंट आबू जा रहे हैं, तो दिलवाड़ा जैन मंदिर जरूर जाएं। मंदिर की शानदार बनावट और सुंदरता आपका ध्यान खींच लेगी। यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ शांत समय बिताने के लिए परफेक्ट है।</p>
<p><strong>अजमेर</strong></p>
<p>इस वीकेंड दोस्तों के साथ अजमेर भी जा सकते हैं। यह शहर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां की अजमेर शरीफ दरगाह में हर धर्म के लोग मात्था टेकने आते हैं। अगर आप अजमेर जा रहे हैं, तो पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां का शानदार व्यू आपके वीकेंड को यादगार बना देगा।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कान्हा की नगरी में लेना है होली का असली मजा? तो अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें ये चमत्कारी मंदिर</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/157031/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 12:34:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की पावन भूमि मथुरा-वृन्दावन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी भारत के सबसे पवित्र स्थलों में गिनी जाती है। यहां की हर गली, हर मंदिर, हर घाट राधा-कृष्ण की भक्ति में समाई है। खासकर होली के समय यहां की रौनक देखने के लायक होती है। भक्तों का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="889" height="491" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/23-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/03/23-1.jpg 889w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/03/23-1-768x424.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 889px) 100vw, 889px"></p>
<p>भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की पावन भूमि मथुरा-वृन्दावन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी भारत के सबसे पवित्र स्थलों में गिनी जाती है। यहां की हर गली, हर मंदिर, हर घाट राधा-कृष्ण की भक्ति में समाई है। खासकर होली के समय यहां की रौनक देखने के लायक होती है।</p>
<p>भक्तों का मानना है कि यहां आने से केवल शरीर ही नहीं, आत्मा भी शुद्ध हो जाती है। अगर आप भी भगवान के दर्शन कर मन को शांति और आत्मा को सुकून देना चाहते हैं, तो मथुरा-वृन्दावन की ये प्रमुख जगहें आपकी यात्रा को खास बना देंगी। तो आइए जानते हैं इनके बारे में-</p>
<p><strong>श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर (मथुरा)<br /></strong>यह वह स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था। मंदिर का गर्भगृह आज भी उस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था और भव्यता श्रद्धालुओं को गहरी श्रद्धा से भर देती है।</p>
<p><strong>द्वारकाधीश मंदिर (मथुरा)<br /></strong>मथुरा के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक, यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को उनके राजा स्वरूप ‘द्वारकाधीश’ के रूप में समर्पित है। यहां की भव्य आरती और सजावट भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है।</p>
<p><strong>बांके बिहारी मंदिर (वृन्दावन)<br /></strong>यह मंदिर वृन्दावन की शान है। भगवान कृष्ण को यहां बाल स्वरूप में पूजा जाता है, जहां उनकी एक झलक पाने के लिए भक्त घंटों इंतजार करते हैं। ‘झांकी दर्शन’ की परंपरा इसे विशेष बनाती है।</p>
<p><strong>प्रेम मंदिर (वृन्दावन)<br /></strong>सफेद संगमरमर से बना यह भव्य मंदिर राधा-कृष्ण के प्रेम की अमर गाथा को दर्शाता है। रात के समय मंदिर में रंग-बिरंगी लाइटिंग और झांकियां अद्भुत अनुभव कराती हैं।</p>
<p><strong>इस्कॉन मंदिर (वृन्दावन)<br /></strong>हरे कृष्ण आंदोलन का प्रमुख केंद्र, यह मंदिर शांत वातावरण, नियमित कीर्तन और प्रवचनों के लिए काफी फेसम है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु भक्ति की तलाश में आते हैं।</p>
<p><strong>विश्राम घाट (मथुरा)<br /></strong>यह घाट यमुना नदी के तट पर स्थित है, जहां श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद विश्राम किया था। यहां होने वाली यमुना आरती और नौका विहार आत्मा को सुखद अनुभव देता है।</p>
<p><strong>निधिवन (वृन्दावन)<br /></strong>निधिवन अपनी रहस्यमयी शक्ति और श्रीकृष्ण-राधा की रासलीला के लिए फेमस है। मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद यहां कोई नहीं रुकता, क्योंकि रात में रासलीला होती है। यहां का आध्यात्मिक वातावरण बेहद मोहक होता है। इन सात स्थलों की यात्रा भक्ति, इतिहास और दिव्यता से भरी होती है, जो मन को सुकून और आत्मा को आनंद से भर देती है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होली मनाने के लिए उदयपुर बना विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/156957/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 12:33:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://wenews.co.in/NewsArticle/156957/</guid>

					<description><![CDATA[होली का त्योहार करीब आते ही हवाएं रंगीन नजर आने लगती है। हिंदू धर्म का यह पर्व दुनियाभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग सिर्फ गुलाल नहीं उड़ाना चाहते, बल्कि वे इस त्योहार को इसके असली और पारंपरिक अंदाज में जीना चाहते हैं। आंकड़ों के मुताबिक लोग शाही महलों, प्राचीन मंदिरों और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="791" height="419" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/02/45-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/02/45-18.jpg 791w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/02/45-18-768x407.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 791px) 100vw, 791px"></p>
<p>होली का त्योहार करीब आते ही हवाएं रंगीन नजर आने लगती है। हिंदू धर्म का यह पर्व दुनियाभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग सिर्फ गुलाल नहीं उड़ाना चाहते, बल्कि वे इस त्योहार को इसके असली और पारंपरिक अंदाज में जीना चाहते हैं।</p>
<p>आंकड़ों के मुताबिक लोग शाही महलों, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक झीलों के किनारे होली का जश्न मनाने के लिए जमकर होटल सर्च कर रहे हैं।</p>
<p><strong>विदेशी पर्यटकों को भा रही है भारत की होली<br /></strong>देश में तो होली का क्रेज देखने को मिलता ही है, लेकिन विदेशों में भी लोग इस त्योहार के दीवाने होते जा रहे हैं। भारत के इस रंग-बिरंगे त्योहार का क्रेज विदेशों में भी खूब है। डेटा बताता है कि मलेशिया, थाईलैंड, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से कई लोग होली मनाने भारत आ रहे हैं। विदेशी पर्यटकों की पसंद की बात करें तो:</p>
<p>उदयपुर: इसके लिए सर्च में 459% का भारी उछाल देखा गया है।<br />जयपुर: विदेशी पर्यटकों की सर्च में जयपुर में 191% की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p><strong>भारत में भी पहली पसंद बना राजस्थान<br /></strong>जयपुर (282% की बढ़ोतरी): लोग आमेर किले और शाही अंदाज वाली होली का अनुभव लेने के लिए सबसे ज्यादा जयपुर का रुख कर रहे हैं।<br />उदयपुर (233% का उछाल): झीलों के सुंदर नजारे, पुरानी वास्तुकला और हेरिटेज होटलों में होने वाले होली के आयोजनों के कारण यह शहर पर्यटकों को बहुत लुभा रहा है।<br />पुष्कर (195% की वृद्धि): पुष्कर झील और इसके 52 घाटों पर लोगों के साथ मिलकर सामूहिक होली खेलने का मजा लेने के लिए भारी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।</p>
<p><strong>कृष्ण की नगरी में होली की धूम<br /></strong>वृंदावन (126% उछाल): यहां की मशहूर ‘फूलों की होली’ और भजन-कीर्तन वाले भक्तिमय माहौल में डूबने के लिए यह लोगों की पहली पसंद है।<br />मथुरा (109% वृद्धि): भगवान कृष्ण की जन्मभूमि की तंग गलियों और मंदिरों में होने वाली सदियों पुरानी पारंपरिक होली देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है।</p>
<p><strong>दक्षिण और पूर्वी भारत में भी होली का जश्न<br /></strong>हम्पी, कर्नाटक (128% की बढ़ोतरी): यूनेस्को की विश्व धरोहर वाले हम्पी के प्राचीन खंडहर और मंदिर प्रांगण होली के दौरान एक अलग ही रंग में नजर आते हैं, जिसे जिसे देखने लोग जा रहे हैं।<br />शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल (43% उछाल): यहां रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा शुरू किया गया ‘बसंत उत्सव’ मनाया जाता है। इसी का आनंद लेने के लिए लोग यहां आ पहुंच रहे हैं।</p>
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