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	<title>देश-विदेश &#8211; We News</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Thu, 09 Apr 2026 09:32:39 +0000</lastBuildDate>
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		<title>युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका सवालों के घेरे में</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158126/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:32:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति बनने से स्थायी शांति की उम्मीद जगी है। जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का श्रेय लेने की फिराक में है। हालांकि अस्थायी युद्धविराम में उसकी भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। एक पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="702" height="393" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/5-4.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति बनने से स्थायी शांति की उम्मीद जगी है। जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का श्रेय लेने की फिराक में है।</p>
<p>हालांकि अस्थायी युद्धविराम में उसकी भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। एक पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद विश्लेषक ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि वह अमेरिका के साथ अपने संबंधों का बढ़ा रहा है या चीन के इशारों पर चल रहा है।</p>
<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे सवाल</h3>
<p>फाउंडेशन फॉर डिफेंस आफ डेमोक्रेसीज (एफडीडी) और पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद विश्लेषक जोनाथन शैनजर का मानना है कि पाकिस्तान चीन का बहुत कर्जदार है। इसलिए यह देखना बाकी है कि क्या वह अमेरिका का साथ देकर उसके साथ अपने संबंधों को बढ़ा रहा है या चीन के इशरों पर चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘जब हम पाकिस्तान की ओर देखते हैं तो हमें समझना चाहिए कि यह एक ऐसा देश है जो चीन का बड़ा ऋणी है। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और कर्ज के जरिये चीन ने पाकिस्तानियों को अपने नियंत्रण कर लिया है।</p>
<p>ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पाकिस्तानी अमेरिका के साथ मिलकर नए दोस्त बनाने और अपने गठबंधन के विस्तार की कोशिश कर रहे हैं या फिर वे चीन के इशारों पर काम कर रहे हैं।</p>
<p>क्या वे वास्तव में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र हैं। इस समय हमें इसका जवाब नहीं पता।’ उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान का व्हाइट हाउस के साथ वार्ता में अपनी भूमिका का दावा करना अजीब लगता है।</p>
<p>यह कैसे हुआ और वे इसके बदले क्या चाहते हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है। जोनाथन ने यह चेतावनी भी दी है कि भले युद्धविराम हो गया है और होर्मुज स्ट्रेट खुल रहा है, फिर भी यह युद्ध अभी खत्म होने से कोसों दूर है।</p>
</div>
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		<title>मुद्रा योजना के 11 साल: करोड़ों भारतीयों को बनाया आत्मनिर्भर</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158120/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:32:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पीएम मुद्रा योजना ने रुकावटों को दूर करके और लोगों की आकांक्षाओं पर विश्वास करके पूरे भारत में उद्यमशीलता की भावना को मजबूत किया है। मुद्रा योजना के 11 साल पूरे होने पर मोदी ने कहा कि इस योजना ने लाखों लोगों को सपने देखने का आत्मविश्वास &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="725" height="387" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/65.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पीएम मुद्रा योजना ने रुकावटों को दूर करके और लोगों की आकांक्षाओं पर विश्वास करके पूरे भारत में उद्यमशीलता की भावना को मजबूत किया है।</p>
<p>मुद्रा योजना के 11 साल पूरे होने पर मोदी ने कहा कि इस योजना ने लाखों लोगों को सपने देखने का आत्मविश्वास और उन्हें पूरा करने के साधन प्रदान करके ऋण तक पहुंच को फिर से परिभाषित किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा कि पीएम मुद्रा योजना एक ऐसी आर्थिक विचारधारा को दर्शाती है जहां अवसर सुलभ हैं और पहलों को प्रोत्साहन दिया जाता है तथा हर सपने को साकार होने के लिए समर्थन मिल रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना की परिवर्तनकारी क्षमता की एक झलक और इसने हमारी युवा शक्ति और नारी शक्ति पर किस प्रकार सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने पीएम मुद्रा योजना पर ‘माई जीओवी इंडिया’ मंच के एक पोस्ट को भी साझा किया।</p>
<p>‘माई जीओवी इंडिया’ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि असली आर्थिक बदलाव हमेशा बोर्डरूम से शुरू नहीं होता। कभी-कभी, यह एक छोटे कर्ज, एक स्थानीय विचार और शुरुआत करने की हिम्मत से आता है। मुद्रा योजना चुपचाप भारत की अर्थव्यवस्था की नींव को नया आकार दे रही है।</p>
</div>
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		<item>
		<title>गोवा में शुरू होगी कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158122/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:32:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[लोकसभा स्पीकर ओम बिरला गुरुवार को गोवा में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में शासन और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। गोवा विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्री बिरला गुरुवार सुबह 10:40 बजे इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और दोपहर 12:10 बजे सभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="722" height="403" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/6.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>लोकसभा स्पीकर ओम बिरला गुरुवार को गोवा में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में शासन और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। गोवा विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्री बिरला गुरुवार सुबह 10:40 बजे इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और दोपहर 12:10 बजे सभा को संबोधित करेंगे।</p>
<p>यह कार्यक्रम पणजी के एक होटल में आयोजित किया जाएगा, जहाँ पश्चिमी भारत के वरिष्ठ संसदीय नेताओं के शासन और विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं से संबंधित चर्चाओं में भाग लेने की उम्मीद है। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य अंतर-संसदीय सहयोग को मज़बूत करना और क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।</p>
<p>यह कॉन्फ्रेंस बेहतरीन विधायी प्रथाओं के आदान-प्रदान और शासन में समकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का एक मंच भी प्रदान करेगी। इस कार्यक्रम में दो पूर्ण सत्र होंगे।</p>
<p>पहला सत्र, जो 9 अप्रैल को निर्धारित है, “2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवा जन प्रतिनिधियों की भूमिका” पर केंद्रित होगा, जबकि दूसरा सत्र, 10 अप्रैल को, “व्यापार, पर्यटन, शहरीकरण, पर्यावरण और तटीय कनेक्टिविटी में ज़ोन-VII के लिए प्राथमिकताएँ” विषय पर केंद्रित होगा।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>शिपिंग कंपनियों से क्रिप्टो में टोल वसूलने की तैयारी?</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158124/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:32:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नया नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान शिपिंग कंपनियों से टोल (शुल्क) वसूलने के लिए पारंपरिक मुद्रा की जगह क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="701" height="383" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/67.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p> मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नया नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान शिपिंग कंपनियों से टोल (शुल्क) वसूलने के लिए पारंपरिक मुद्रा की जगह क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग कर सकता है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि यह कदम पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने और अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित करने के लिए उठाया जा रहा है। अमेरिका और अन्य देशों द्वारा लगाए गए सख्त प्रतिबंधों के कारण ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम का उपयोग करना मुश्किल हो गया है, ऐसे में क्रिप्टो एक वैकल्पिक रास्ता बनकर उभरा है।</p>
<h3 class="wp-block-heading">होर्मुज पर ईरान की नई चाल</h3>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। दुनिया के करीब 20% तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है। ऐसे में अगर ईरान टोल वसूली का नया नियम लागू करता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिप्टो में भुगतान की मांग से कई शिपिंग कंपनियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी होंगी, क्योंकि सभी कंपनियां इस तरह के लेन-देन के लिए तैयार नहीं हैं। इसके अलावा, इससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता भी बढ़ सकती है।</p>
<p>हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर यह योजना लागू होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराई कैटरिंग की गाड़ी</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158100/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:30:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को कैटरिंग की एक गाड़ी इंडिगो के विमान से टकरा गई। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। एयरपोर्ट के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="720" height="381" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/56.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को कैटरिंग की एक गाड़ी इंडिगो के विमान से टकरा गई। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था।</p>
<p>एयरपोर्ट के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ।</p>
<p>एयरलाइंस ने विमान को तुरंत ग्राउंडेड कर दिया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसकी गहन जांच और जरूरी रखरखाव कार्य शुरू कर दिया गया है। विमान परिचालन के लिए मंजूरी मिलने के बाद ही उड़ान भरेगा।</p>
<p>इंडिगो ने आगे कहा कि हम इस मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। प्रभावित उड़ान के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे यात्री असुविधा कम हो सके।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग, कलपक्कम रिएक्टर ने हासिल की क्रिटिकैलिटी</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158102/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:30:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली। अगर भारत का परमाणु कार्यक्रम इसी क्रिटिकैलिटी की सफल राह पर आगे बढ़ा तो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनने में देर नहीं लगेगी। इसका असर यह होगा कि भारत जल्द ही पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से ऊर्जा पैदा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="708" height="383" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/56-1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली। अगर भारत का परमाणु कार्यक्रम इसी क्रिटिकैलिटी की सफल राह पर आगे बढ़ा तो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनने में देर नहीं लगेगी। इसका असर यह होगा कि भारत जल्द ही पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से ऊर्जा पैदा करने की जगह स्वच्छ अक्षय ऊर्जा पैदा करने के लिए तैयार हो जाएगा।</p>
<p>भारत के 500 मेगावाट क्षमता वाले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) के प्रथम क्रिटिकैलिटी स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार ने मंगलवार को कहा कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर उच्च तापीय दक्षता के साथ विश्वसनीय, कम कार्बन उत्सर्जन वाली बेस-लोड बिजली आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
<p>नियंत्रित परमाणु विखंडन श्रृंखला प्रतिक्रिया की शुरुआत का यह मील का पत्थर देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वदेशी परमाणु प्रौद्योगिकी क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p>परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानदंडों को पूरा करने के बाद, पीएफबीआर ने सोमवार को क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली।</p>
<p>तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भारत का पहला स्वदेशी फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्टर है।</p>
<p>500 मेगावाट क्षमता वाले इस उन्नत रिएक्टर को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आइजीसीएआर) की ओर से डिजाइन और भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) की तरफ से निर्मित किया गया है। इसे बनाने में 200 से ज्यादा भारतीय उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्योगों की भूमिका रही है।</p>
<p>भारत का परमाणु ऊर्जा विभाग इस दौरान परमाणु ईंधन के सही और पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल की कोशिशों में जुटा है। चूंकि अन्य कोई भी देश अपनी संवेदनशील परमाणु ऊर्जा तकनीक भारत को मुहैया कराने के लिए तैयार नहीं हुआ है।</p>
<p>इसलिए आइजीसीएआर ने खुद ही एक परिपूर्ण फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को बनाने में ताकत झोंक दी। इसी का नतीजा है कि कलपक्कम में पीएफबीआर भी अब सफलता की ओर है।</p>
<p>इस रिएक्टर को भविष्य में थोरियम-232 का उपयोग करके यूरेनियम-233 का उत्पादन करने के लिए भी डिजाइन किया गया है, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत के विशाल थोरियम भंडार का दोहन करने के दीर्घकालिक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">भारत की असैन्य परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम: मोदी</h2>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह अप्रैल को इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे भारत की असैन्य परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम बताया। उनके साथ-साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने भी इस उपलब्धि की चर्चा शुरू कर दी।</p>
<p>अगर यह संयंत्र सारे प्रयोगों में सफल हो जाता है और इसे बिजली पैदा करने के लिए वाणिज्यिक यानी कमर्शियल ग्रिड से जोड़ दिया जाता है तो भारत दुनिया का सिर्फ दूसरा ऐसा देश बन जाएगा, जिसके पास व्यावसायिक रूप से संचालित होने वाला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर होगा। अब तक यह उपलब्धि सिर्फ रूस के पास ही मौजूद है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">क्या होती है क्रिटिकैलिटी</h2>
<p>क्रिटिकैलिटी किसी परमाणु रिएक्टर के संचालन की वह खास स्थिति है, जिसमें परमाणु विखंडन की श्रृंखला प्रतिक्रिया स्थिर हो जाती है और यह प्रतिक्रिया लगातार जारी रखने में सक्षम हो जाती है।</p>
<p>इसका मतलब है कि यह रिएक्टर अब बिना किसी बाहरी दखल के मौजूदा ईंधन के जरिए ऊर्जा पैदा करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, यह बताना भी अहम है कि क्रिटिकैलिटी हासिल करना सीधे तौर पर बिजली पैदा करना नहीं है, बल्कि यह उसके लिए सबसे जरूरी और पहली शर्त है।</p>
<p>अब इस रिएक्टर की क्षमता और कुशलता को समझने के लिए कम-क्षमता वाले कुछ परीक्षण किए जाएंगे, जिसके बाद इसे पावर ग्रिड से जोड़कर बिजली उत्पादन शुरू किया जा सकता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सऊदी अरब पर ईरानी हमलों के पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति के बताया खतरनाक</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158104/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:30:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="695" height="408" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/56-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।</p>
<p>इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के अंतिम प्रयासों में जुटा था।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘पाकिस्तान सरकार सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करती है और इस पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करती है।’</p>
<p>रावलपिंडी में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अध्यक्षता में आयोजित 274वें कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में सेना ने इसे ‘अनावश्यक तनाव’ बताया।</p>
<h3 class="wp-block-heading">सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद संयम दिखाया- मुनीर</h3>
<p>सेना के अनुसार, सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद अब तक जो संयम दिखाया है, उसी की वजह से कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश बनी हुई थी। यह हमला शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों को नुकसान पहुंचाता है। सेना ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अनुचित हमलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो मौजूदा शांतिपूर्ण विकल्पों और अनुकूल वातावरण को नष्ट कर सकते हैं।</p>
<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तान ने ‘खतरनाक घटनाक्रम’ के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया</h3>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम वार्ता को आसान बनाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने उस समय तेहरान पर हमला किया, जब दोनों पक्ष बातचीत के लिए बैठने की स्थिति में थे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> अमेरिकी-इजरायल हमले में खुफिया चीफ माजिद खादेमी की मौत</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158048/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 09:34:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी की मौत हो गई है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल IRGC ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="705" height="399" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/yujhmnb.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/yujhmnb.png 705w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/yujhmnb-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 705px) 100vw, 705px"></p>
<p>अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी की मौत हो गई है।</p>
<p>इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल IRGC ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या कहां हुई।</p>
<p>हालांकि, सोमवार तड़के सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर कई हवाई हमले किए गए।</p>
<p>फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा सोमवार को जारी गार्ड्स के एक बयान के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खुफिया संगठन के प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खादेमी, एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए।</p>
<p>माजिद खादेमी ने लगभग पांच दशकों तक ईरान की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी।</p>
</div>
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		<title>आम लोगों को बड़ी राहत: अब बिना पते के भी मिलेगा LPG सिलिंडर</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158044/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 09:34:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दिहाड़ीदारों को रविवार को बड़ी राहत दी। ऐसे लोग अब सिर्फ पहचान पत्र दिखाकर किसी भी गैस एजेंसी से पांच किलोग्राम का फ्री ट्रेड एलपीजी( एफटीएल) सिलिंडर खरीद सकेंगे। यानी सिलिंडर लेने के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होगी। असल में स्थायी पते के अभाव में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="722" height="403" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/hgf.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दिहाड़ीदारों को रविवार को बड़ी राहत दी। ऐसे लोग अब सिर्फ पहचान पत्र दिखाकर किसी भी गैस एजेंसी से पांच किलोग्राम का फ्री ट्रेड एलपीजी( एफटीएल) सिलिंडर खरीद सकेंगे।</p>
<p>यानी सिलिंडर लेने के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होगी। असल में स्थायी पते के अभाव में एलपीजी पाने में इन वर्गों को बड़ी दिक्कत झेलनी पड़ रही थी और उन्हें खाना बनाने में परेशानी हो रही थी। पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने एलपीजी की आपूर्ति भी बढ़ा दी है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">कितनी बढ़ी ऑनलाइन बुकिंग?</h2>
<p>आईएएनएस के अनुसार, केंद्र सरकार ने कहा है कि आनलाइन एलपीजी बुकिंग 95 प्रतिशत तक बढ़ गई है और चार अप्रैल को 51 लाख से अधिक घरेलू सि¨लडर वितरित किए गए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोकने के लिए डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित वितरण भी 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 90 प्रतिशत हो गया है।</p>
<p>उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आनलाइन बु¨कग का इस्तेमाल करें। मंत्रालय ने कहा कि पांच किलो वाले एलपीजी सि¨लडरों की बिक्री शनिवार को 90,000 का आंकड़ा पार कर गई। साथ ही बताया कि 23 मार्च से अब तक देशभर में लगभग 6.60 लाख सि¨लडर बेचे जा चुके हैं।</p>
<p>पीएनजी कनेक्शनों का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है और मार्च में 3.60 लाख कनेक्शन जोड़े गए हैं। एलपीजी और पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं। एएनआइ के अनुसार, आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कमजोर वर्गों के लिए सरकार का एक अच्छा कदम बताया।</p>
<p>उन्होंने कि अब जरूरतमंद लोग केवल एक मान्य पहचान पत्र दिखाकर इन सिलेंडरों को अधिकृत वितरकों से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिलिंडर लेने वालों का साथ ही एक शपथ पत्र भी देना होगा कि वह इसका इस्तेममाल केवल खाना पकाने में करेंगे।</p>
<h2 class="wp-block-heading">कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज, अब तक 50000 सिलिंडर जब्त</h2>
<p>पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब तक 50,000 से ज्यादा सिलिंडर जब्त किए गए हैं।</p>
<p>एलपीजी वितरकों को 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं और इनमें से 36 की डीलरशिप निलंबित की जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ऊर्जा की बचत करें और अफवाहों से सावधान रहें। ईंधन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से उत्पादन कर रही हैं।</p>
</div>
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		<title>अमेरिका-ईरान के बीच आज से लागू हो सकता है सीजफायर</title>
		<link>https://wenews.co.in/NewsArticle/158046/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 09:34:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सीजफायर की खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का प्लान मिला है। यह प्लान सोमवार से लागू हो सकता है, जिसके बाद ईरान होर्मुज को फिर से खोल सकता है। रॉयटर्स ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="706" height="396" src="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/uity.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://wenews.co.in/wp-content/uploads/2026/04/uity.png 706w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/04/uity-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 706px) 100vw, 706px"></p>
<p>मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सीजफायर की खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का प्लान मिला है। यह प्लान सोमवार से लागू हो सकता है, जिसके बाद ईरान होर्मुज को फिर से खोल सकता है।</p>
<p>रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच दुश्मनी खत्म करने का फ्रेमवर्क पाकिस्तान ने तैयार किया है। जिसके बाद पाकिस्तान ने इसे रातों-रात ईरान और अमेरिका के साथ शेयर किया है। जिसमें तुरंत सीजफायर के बाद क कॉम्प्रिहेंसिव एग्रीमेंट के साथ टू-लेयर अप्रोच की आउटलाइन है।</p>
<p>सोर्स ने कहा, “सभी एलिमेंट्स पर आज सहमति होनी चाहिए, शुरुआती अंडरस्टैंडिंग को पाकिस्तान के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से अंतिम रूप दिया गया है, जिसे अब एक सहमति पत्र (MoU) के रूप में तैयार किया जाएगा। बातचीत की इस प्रक्रिया में पाकिस्तान एकमात्र ‘कम्युनिकेशन चैनल’ की भूमिका निभा रहा है।”</p>
<h2 class="wp-block-heading">45 दिन के सीजफायर पर चल रही बातचीत</h2>
<p>इससे पहले रविवार को एक्सियोस न्यूज ने रिपोर्ट किया कि 45 दिन के संभावित सीजफायर को लेकर अमेरिका-ईरान बातचीत कर रहे हैं। जिससे युद्ध हमेशा के लिए खत्म हो सकता है।</p>
<p>रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ, फील्ड मार्शल असीम मुनीर, अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची के साथ पूरी रात संपर्क में रहे।</p>
<p>प्रस्ताव के तहत, सीजफायर तुरंत लागू होगा, जिससे होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा, और एक बड़े समझौते को फाइनल करने के लिए 15-20 दिन का समय होगा। इस डील को टेंटेटिवली इस्लामाबाद अकॉर्ड कहा जा रहा है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">नहीं आई ईरान-अमेरिका की प्रतिक्रिया</h2>
<p>बता दें कि सीजफायर को लेकर अमेरिका और ईरानी अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई जवाब नहीं आया है। पाकिस्तान के फॉरेन ऑफिस के स्पोक्सपर्सन ताहिर अंद्राबी ने कमेंट करने से मना कर दिया।</p>
<h2 class="wp-block-heading">ईरानी अधिकारियों ने सीजफायर के लिए रखी ये शर्त</h2>
<p>ईरानी अधिकारियों ने पहले रॉयटर्स को बताया था कि तेहरान इस गारंटी के साथ परमानेंट सीजफायर चाहता है कि अमेरिका और इजरायल उस पर दोबारा हमला नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि ईरान को पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र समेत मीडिएटर्स से मैसेज मिले हैं।</p>
<p>सोर्स ने कहा कि फाइनल एग्रीमेंट में ईरान के कमिटमेंट शामिल होने की उम्मीद है कि वह बैन में राहत और फ्रीज किए गए एसेट्स को रिलीज करने के बदले न्यूक्लियर वेपन्स का पीछा नहीं करेगा।</p>
<p>दो पाकिस्तानी सोर्स ने कहा कि ईरान ने अभी तक कमिट नहीं किया है। सिविलियन और मिलिट्री की तरफ से ज्यादा कोशिशें होने के बावजूद, ईरान ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">ईरान ने नहीं दिया जवाब</h2>
<p>एक सोर्स ने कहा, “ईरान ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है,” और आगे कहा कि पाकिस्तान, चीन और यूनाइटेड स्टेट्स के सपोर्ट वाले टेम्पररी सीजफायर के प्रपोजल पर अब तक कोई कमिटमेंट नहीं आया है। कमेंट के लिए रिक्वेस्ट पर चीनी अधिकारियों की तरफ से तुरंत कोई जवाब नहीं आया।</p>
<p>यह नया डिप्लोमैटिक कदम बढ़ती दुश्मनी के बीच आया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट के जरिए शिपिंग में रुकावट को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो ग्लोबल तेल सप्लाई के लिए एक जरूरी रास्ता है।</p>
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