आज है भौम प्रदोष व्रत, महादेव को प्रसन्न करने के लिए भूलकर भी न छोड़ें ये प्रभावशाली मंत्र
आज 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख महीने का दूसरा प्रदोष व्रत है। मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। शास्त्रों में इस दिन को कर्ज से मुक्ति और जमीन-जायदाद से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। अगर आप लंबे समय से किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आज का दिन महादेव और माता पार्वती को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है।
आज किन मंत्रों का करें जप?
आज पूजा करते समय इन सरल और प्रभावशाली मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और शिव जी का आशीर्वाद मिलता है:
ॐ नमः शिवाय: मन की शांति के लिए।
ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः: अगर आप कर्ज से परेशान हैं, तो इस मंत्र का जाप आज विशेष फलदायी है।
महामृत्युंजय मंत्र: रोगों और बाधाओं को दूर करने के लिए।
आज क्या करें और क्या न करें?
क्या करें: शाम को स्नान के बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल चढ़ाएं। मंगल ग्रह की शांति के लिए आज मसूर की दाल या गुड़ का दान करना भी बहुत शुभ रहेगा।
क्या न करें: आज के दिन गुस्सा बिलकुल न करें और न ही किसी से वाद-विवाद करें। झूठ बोलने और बड़े-बुजुर्गों का अपमान करने से बचें, क्योंकि इससे व्रत का पुण्य कम हो जाता है।
मां पार्वती के 108 नाम
ॐ पार्वतीयै नमः
ॐ महा देव्यै नमः
ॐ जगन्मात्रे नमः
ॐ सरस्वत्यै नमः
ॐ चण्डिकायै नमः
ॐ लोक जनन्यायै नमः
ॐ सर्वदेवादि देवतायै नमः
ॐ शिवदुत्यै नमः
ॐ विशालाक्ष्यै नमः
ॐ चामुण्डायै नमः
ॐ विष्णु सोदर्यै नमः
ॐ चित्कलायै नमः
ॐ चिन्मयाकरायै नमः
ॐ महिषासुर मर्दन्यायै नमः
ॐ कात्यायन्यै नमः
ॐ काला रूपायै नमः
ॐ गौरीयै नमः
ॐ परमायै नमः
ॐ ईशायै नमः
ॐ नागेन्द्र तनयै नमः
ॐ रौद्र्यै नमः
ॐ कालरात्र्यै नमः
ॐ तपस्विन्यै नमः
ॐ गिरिजायै नमः
ॐ मेनकथमजयै नमः
ॐ भवन्यै नमः
ॐ जनस्थानायै नमः
ॐ वीर पथ्न्यायै नमः
ॐ विरुपाक्ष्यै नमः
ॐ वीराराधिथयै नमः
ॐ हेमा भासयै नमः
ॐ सृष्टि रूपायै नमः
ॐ सृष्टि संहार करिण्यै नमः
ॐ मातृकायै नमः
ॐ महागौर्यै नमः
ॐ रामायै नमः
ॐ रामायै नमः
ॐ शुचि स्मितयै नमः
ॐ ब्रह्म स्वरूपिण्यै नमः
ॐ राज्य लक्ष्म्यै नमः
ॐ शिव प्रियायै नमः
ॐ नारायण्यै नमः
ॐ महा शक्तियै नमः
ॐ नवोदयै नमः
ॐ भाग्य दायिन्यै नमः
ॐ अन्नपूर्णायै नमः
ॐ सदानंदायै नमः
ॐ यौवनायै नमः
ॐ मोहिन्यै नमः
ॐ सथ्यै नमः
ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः
ॐ शर्वाण्यै नमः
ॐ देव मात्रे नमः
ॐ त्रिलोचन्यै नमः
ॐ ब्रह्मण्यै नमः
ॐ वैष्णव्यै नमः
ॐ अज्ञान शुद्ध्यै नमः
ॐ ज्ञान गमयै नमः
ॐ नित्यायै नमः
ॐ नित्य स्वरूपिण्यै नमः
ॐ कमलयै नमः
ॐ कमलाकारायै नमः
ॐ रक्तवर्णयै नमः
ॐ कलानिधाय नमः
ॐ मधु प्रियायै नमः
ॐ कल्याण्यै नमः
ॐ करुणायै नमः
ॐ हरवः समायुक्त मुनि मोक्ष परायणै नमः
ॐ धराधारा भवायै नमः
ॐ मुक्तायै नमः
ॐ वर मंत्रायै नमः
ॐ शम्भव्यै नमः
ॐ प्रणवथ्मिकायै नमः
ॐ श्री महागौर्यै नमः
ॐ रामजानयै नमः
ॐ यौवनाकारायै नमः
ॐ परमेष प्रियायै नमः
ॐ परायै नमः
ॐ पुष्पिन्यै नमः
ॐ पुष्प कारायै नमः
ॐ पुरुषार्थ प्रदायिन्यै नमः
ॐ महा रूपायै नमः
ॐ महा रौद्र्यै नमः
ॐ कामाक्ष्यै नमः
ॐ वामदेव्यै नमः
ॐ वरदायै नमः
ॐ वर यंत्रायै नमः
ॐ काराप्रदायै नमः
ॐ कल्याण्यै नमः
ॐ वाग्भव्यै नमः
ॐ देव्यै नमः
ॐ क्लीं कारिण्यै नमः
ॐ संविधेय नमः
ॐ ईश्वर्यै नमः
ॐ ह्रींकारं बीजायै नमः
ॐ भय नाशिन्यै नमः
ॐ वाग्देव्यै नमः
ॐ वचनायै नमः
ॐ वाराह्यै नमः
ॐ विश्व तोशिन्यै नमः
ॐ वर्धनेयै नमः
ॐ विशालाक्ष्यै नमः
ॐ कुल संपत् प्रदायिन्यै नमः
ॐ अरथ धुकच्छेद्र दक्षायै नमः
ॐ अम्बायै नमः
ॐ निखिला योगिन्यै नमः
ॐ सदापुरा स्थायिन्यै नमः
ॐ तरोर्मुला तलंगथयै नमः


