तेजी से वजन कम करने वाली महिलाओं को हो रही Ozempic Vulva की समस्या
हाल के कुछ समय में वजन घटाने वाली दवाओं, खासकर ओजेम्पिक की लोकप्रियता में काफी उछाल आया है। वजन कम करने में इस दवा के जादुई असर की अक्सर चर्चा होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी एक और बात काफी चर्चा में है।
ओजेम्पिक फेस और ओजेम्पिक बट के बाद अब ओजेम्पिक वल्वा शब्द काफी सुनाई दे रहा है। अगर आप इस शब्द को पहली बार सुन रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि यह कोई मेडिकल टर्म या बीमारी नहीं है, बल्कि एक ऐसा शब्द है जिसे महिलाओं ने वजन घटाने के बाद अपने शरीर में महसूस किए गए बदलावों को बयां करने के लिए गढ़ा है। आइए डॉ. प्रिया बंसल (सीनियर कंसल्टेंट गायनेकोलॉजी एंड गायनेऑन्कोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा) से जानें क्या है इसका मतलब और ये क्यों होता है?
ओजेम्पिक वल्वा क्या है?
ओजेम्पिक वल्वा एक नॉन-मेडिकल टर्म है। यह उन शारीरिक बदलावों को बताता है, जो महिलाएं अपने इंटिमेट एरिया में तेजी से वजन कम करने के दौरान अनुभव करती हैं। तेजी से वजन कम करने के कारण वल्वा के अपीयरेंस में बदलाव आ जाते हैं, जिससे उस एरिया की स्किन ढीली और रिंकल्स वाली लगने लगती है। यह दवा का डायरेक्ट साइड इफेक्ट नही है, बल्कि तेजी से वजन कम करने का परिणाम है।
जब कोई व्यक्ति ओजेम्पिक जैसी दवाओं की मदद से बहुत कम समय में भारी मात्रा में वजन घटाता है, तो उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों से फैट गायब होने लगता है। वेजाइना के बाहरी हिस्से के आसपास नेचुरल रूप से फैट टिश्यू होते हैं। वजन घटने पर इस हिस्से में कुछ बदलाव देखे जा सकते हैं, जैसे-
वॉल्यूम में कमी- वेजाइना के आसपास का उभार कम हो जाना।
त्वचा का ढीलापन- फैट कम होने के कारण वहां की त्वचा ढीली या लटकी हुई महसूस होना।
झुर्रियां- त्वचा के लचीलेपन में कमी आने से उस एरिया में झुर्रियां या रिंकल्ड अपीयरेंस आ जाना।
असहजता- कुछ मामलों में पैडिंगॉ कम होने से टाइट कपड़े पहनने पर हल्का दर्द या ड्राईनेस महसूस हो सकता है।
इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
तेजी से फैट का कम होना- हमारा शरीर यह तय नहीं कर सकता कि उसे किस हिस्से से फैट पहले हटाना है। जब आप तेजी से वजन घटाते हैं, तो चेहरा, कूल्हे और ब्रेस्
के साथ-साथ वल्वा के लेबिया मेजोरा हिस्से से भी फैट कम होता है। यह हिस्सा मुख्य रूप से फैटी टिश्यू से बना होता है जो इसे भरा हुआ लुक देता है।
त्वचा का फ्लेक्सिबिलिटी- जब वजन धीरे-धीरे कम होता है, तो त्वचा को सिकुड़ने और नई शेप में ढलने का समय मिलता है। लेकिन ओजेम्पिक जैसी दवाओं के साथ वजन इतनी तेजी से गिरता है कि त्वचा उतनी तेजी से वापस अपनी जगह नहीं ले पाती, जिससे वह ढीली और झुर्रीदार नजर आने लगती है।
हार्मोनल बदलाव- तेजी से वजन घटने का सीधा असर शरीर के हार्मोनल बैलेंस पर पड़ता है। एस्ट्रोजन के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण उस एरिया में ड्राईनेस या सेंसिटिविटी बढ़ सकती है, जो असुविधा का कारण बनती है।
क्या यह चिंता का विषय है?
मेडिकल रूप से, ओजेम्पिक वल्वा आमतौर पर हानिकारक नहीं है। यह केवल एक कॉस्मेटिक बदलाव है। हालांकि, यह महिलाओं के आत्मविश्वास और बॉडी इमेज को प्रभावित कर सकता है। सबसे जरूरी बात यह है क हर महिला को यह अनुभव नहीं होता। यह इस पर निर्भर करता है कि आपने कितना वजन कम किया है, आपकी उम्र क्या है और आपकी त्वचा की जेनेटिक बनावट कैसी है।
डॉक्टर की सलाह
कोशिश करें कि धीरे-धीरे वजन कम हो। हाइड्रेशन का ध्यान रखें और प्रोटीन से भरपूर खाना खाएं, ताकि कोलेजन की कमी न हो। साथ ही, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करें और ज्यादा फ्रिकशन अवॉइड करें।
इसके अलावा, अगर इंटिमेट एरिया में ड्राईनेस, चॉफिंग की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह से मॉइश्चराइजर, हयाल्यूरॉनिक एसिड से भरपूर प्रोडक्ट्स या एनर्जी बेस्ड ट्रीटमेंट, जैसे- रेडियोफ्रीक्वेंसी, लेबियाप्लास्टी और फिलर्स की मदद ले सकते हैं। अगर प्राइवेट पार्ट में दर्द, घाव या वल्वा में असमानता दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।



