युद्ध के बीच ईरान की किस शख्सियत ने ट्रंप को दिया गिफ्ट?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान का तेल ले सकता है और खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है। खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है।
फाइनेंशियल टाइम्स से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह तेल पर कब्जा करना पसंद करेंगे। उन्होंने ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान की तुलना इस साल की शुरुआत में वेनेज़ुएला में हुए अभियानों से की, जहां लैटिन अमेरिकी देश के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद वॉशिंगटन ने तेल उद्योग पर नियंत्रण हासिल कर लिया था।
खार्ग द्वीप पर कब्जे का दिया संकेत
उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मुझे ईरान तेल लेना सबसे ज्यादा पसंद है लेकिन अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग कहते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं?” उन्होंने संकेत दिया कि इस कदम का मतलब खार्ग द्वीप पर कब्जा करना हो सकता है। ट्रंप ने कहा, “हो सकता है हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें और हो सकता है न करें। हमारे पास कई विकल्प हैं। इसका यह भी मतलब होगा कि हमें वहां (खर्ग द्वीप पर) कुछ समय तक रहना पड़ेगा।”
‘ईरान के साथ आगे बढ़ रही बातचीत’
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तानी दूतों की मध्यस्थता से चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत आगे बढ़ रही है और उसमें सकारात्मक प्रगति हो रही है। लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया कि क्या आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कोई संभावित समझौता हो सकता है।
‘ईरान से मिला खास तोहफा’
ट्रंप ने यह भी बताया कि वॉशिंगटन को एक तोहफे के तौर पर तेहरान ने पाकिस्तान के झंडे वाले ज्यादा तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी। अमेरिकी नेता के मुताबिक, यह संख्या 10 से बढ़कर 20 हो गई थी। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी।
ट्रंप ने आगे दावा किया कि ईरान के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने अतिरिक्त खेपों को मंजूरी दी थी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गालिबाफ अगले सर्वोच्च नेता के तौर पर राष्ट्रपति की पसंद थे। उन्होंने कहा, “वही हैं जिन्होंने मुझे जहाजों के लिए अधिकृत किया।”
ट्रंप ने आगे दावा किया कि शुरुआती हमलों में लंबे समय से सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने के बाद तेहरान में “सत्ता परिवर्तन” देखने को मिल रहा है।



