सेहत

मनमर्जी से एंटीबायोटिक लेने वाले संभल जाएं: असर करना बंद कर देंगी दवाएं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत से जुड़ी एक गंभीर समस्या तेजी से उभर रही है, जिसे ‘एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस’ कहा जाता है। आसान शब्दों में समझें तो, जब बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो जाता है या पूरी तरह खत्म हो जाता है, तो उस स्थिति को Antibiotic Resistance कहते हैं। बता दें, यह स्थिति बेहद खतरनाक है क्योंकि इससे सामान्य बीमारियों का इलाज करना भी मुश्किल हो जाता है।

हालांकि, आपको घबराने की जरूरत नहीं है। शारदा हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव का कहना है कि हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा-सा बदलाव करके इस खतरे को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं वो 5 जरूरी बातें जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है (Why Antibiotics Stop Working)।

डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें
सबसे पहला और जरूरी नियम यह है कि एंटीबायोटिक दवाइयां हमेशा डॉक्टर से पूछकर ही लेनी चाहिए। अपनी मर्जी से या किसी और के कहने पर दवा लेना आपके शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर आपकी बीमारी को समझकर ही सही दवा देते हैं।

वायरल में न करें एंटीबायोटिक का इस्तेमाल
अक्सर लोग सर्दी-खांसी या फ्लू होने पर तुरंत एंटीबायोटिक ले लेते हैं, जो कि यह गलत है। डॉक्टर का कहना है कि ये इन्फेक्शन वायरस के कारण होती हैं, जबकि एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरिया पर काम करती है। वायरल पर इन दवाओं का कोई भी असर नहीं होता, इसलिए इनका बेवजह इस्तेमाल न करें।

दवा की सही मात्रा और समय का ध्यान रखें
अगर डॉक्टर ने आपको दवा दी है, तो उसे बताई गई मात्रा और समय के अनुसार ही लें। कई बार लोग ठीक महसूस होने पर दवा बीच में ही छोड़ देते हैं या ज्यादा डोज ले लेते हैं। दवा को कम या ज्यादा लेना, दोनों ही हानिकारक साबित हो सकता है। कोर्स पूरा करना बहुत जरूरी है।

बची हुई या दूसरों की दवा का इस्तेमाल न करें
कभी भी घर में बची हुई पुरानी एंटीबायोटिक या किसी और व्यक्ति के लिए लिखी गई दवा का सेवन न करें। हर मरीज और हर बीमारी की स्थिति अलग होती है, जिसके लिए अलग-अलग दवाओं की जरूरत होती है। गलत दवा आपकी हालत बिगाड़ सकती है।

साफ-सफाई ही सबसे बड़ा बचाव है
कहा जाता है कि ‘इलाज से बेहतर बचाव है’। अगर आप साफ-सफाई रखेंगे, नियमित रूप से हाथ धोएंगे और समय पर टीकाकरण करवाएंगे, तो बीमारियां आपके पास कम फटकेंगी। जब आप बीमार कम पड़ेंगे, तो आपको एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

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