बांग्लादेश ने नहीं हिस्सा लेने का लिया फैसला, स्कॉटलैंड के नाम पर आज मुहर लगना संभव
बांग्लादेश के हटने के बाद शनिवार को आईसीसी नई टीम के रूप में स्कॉटलैंड के नाम पर मुहर लगा सकती है। आईसीसी चेयरमैन जय शाह फिलहाल दुबई में मौजूद हैं और बांग्लादेश के विश्व कप से हटने की आधिकारिक घोषणा भी संभव है। टूर्नामेंट में बांग्लादेश को ग्रुप-सी में रखा गया था, जिसमें इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल और इटली शामिल हैं।
वहीं, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी की विवाद समाधान समिति (डीआरसी) को पत्र लिखकर राष्ट्रीय पुरुष टीम के टी-20 विश्व कप मुकाबले भारत में कराने के संचालन परिषद के फैसले को पलटने की मांग की है, लेकिन यह अपील सुनी नहीं जाएगी, क्योंकि यह मामला उप-समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
बीसीबी ने डीआरसी का किया रुख
पूरी तरह घिर जाने के बाद अमीनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाला बीसीबी आखिरी विकल्प के तौर पर आईसीसी की डीआरसी के पास पहुंचा। इस समिति के अध्यक्ष इंग्लैंड के माइकल बेलाफ (किंग्स काउंसिल) हैं।
बीसीबी के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि हां, बीसीबी ने डीआरसी का रुख किया है, क्योंकि वह अपने सभी विकल्प आजमाना चाहता है। अगर डीआरसी बीसीबी के विरुद्ध फैसला देती है तो फिर एकमात्र मंच स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट (सीएएस) ही बचेगा।
सुरक्षा कारणों से भारत नहीं आना चाहता बांग्लादेश
इससे पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और खेल मंत्रालय के सलाहकार व भारत विरोधी रुख के लिए जाने जाने वाले आसिफ नजरुल ने घोषणा की थी कि सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की टीम भारत यात्रा नहीं करेगी।
यह बयान उस समय आया था जब अनुभवी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम से हटा दिया गया था। डीआरसी के कार्यक्षेत्र और अधिकार को देखा जाए तो यह साफ हो जाता है कि उसके पास आईसीसी निदेशक मंडल (बोर्ड आफ डायरेक्टर्स) के किसी फैसले के विरुद्ध अपील सुनने का कोई अधिकार नहीं है।
सरकार-बोर्ड के बीच फंसे खिलाड़ी
आईसीसी निदेशक मंडल ने स्वतंत्र सुरक्षा आकलन के बाद 14-2 के भारी बहुमत से बांग्लादेश के मैच भारत में ही कराने के पक्ष में मतदान किया था। उस आकलन में सुरक्षा खतरे को कम से मध्यम बताया गया था। इसके बावजूद नजरुल का कहना था कि यह फैसला बीसीबी नहीं, बल्कि सरकार को लेना है।
डीआरसी के ‘कार्यक्षेत्र और अधिकार’ के अनुच्छेद 1.3 के अनुसार, समिति आईसीसी या उसके तहत गठित किसी भी निर्णय लेने वाली संस्था के फैसलों के विरुद्ध अपीलीय निकाय के रूप में कार्य नहीं करेगी। आईसीसी बोर्ड के एक सूत्र ने कहा कि बांग्लादेश डीआरसी के पास जा सकता है लेकिन नियमों को देखें तो यह मामला सुना ही नहीं जा सकता, क्योंकि समिति को निदेशक मंडल के फैसले के विरुद्ध अपील सुनने का अधिकार नहीं है।
बुलबुल से काफी नाराज आईसीसी सदस्य
यह भी समझा जा रहा है कि आईसीसी अध्यक्ष जय शाह नामीबिया (अंडर-19 विश्व कप) से दुबई लौट आए हैं और बांग्लादेश के संभावित विकल्प को लेकर औपचारिक फैसला शनिवार तक घोषित कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, आईसीसी बोर्ड के सदस्य अमीनुल इस्लाम बुलबुल से काफी नाराज हैं।
इस नाराजगी की वजह आईसीसी को औपचारिक रूप से जानकारी देने से पहले बांग्लादेश सरकार की ओर से प्रेस कान्फ्रेंस कर दी गई। एक सूत्र ने कहा कि आसिफ नजरुल से आईसीसी को ज्यादा मतलब नहीं है, लेकिन बुलबुल को आईसीसी को बताए बिना प्रेस कान्फ्रेंस की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी।


