जब Kabir Bedi से सरेआम महिला ने की ऐसी डिमांड, विदेशी अखबरों में बनी सुर्खियां
देश के साथ विदेश में भी लोकप्रिय अभिनेता कबीर बेदी (Kabir Bedi) का कहना है कि वह फिलहाल काफी व्यस्त हैं। 16 जनवरी को अपना 80वां जन्मदिन मनाने वाले कबीर ने हाल ही में पांच प्रोजेक्ट शूट किए हैं जो इस साल रिलीज होंगे। दैनिक जागरण के साथ बातचीत में कबीर बेदी ने अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बारे में बात की है।
करियर के इस दौर से काफी खुश हैं…
हां, अपने करियर के सबसे व्यस्ततम दौर में हूं। ओटीटी पर ज्यादा काम करना चाहता हूं, क्योंकि मेरा इंटरनेशनल बेस है, फिल्म भले ही भारत में बनी हो, लेकिन आपका काम दुनिया के दो सौ देश में पहुंच जाता है। मेरे फैन मेरी सारी फिल्में वहां पर देख सकते हैं।
आपने हाल ही में अपना 80वां जन्मदिन मनाया है…
अपने दिमाग में मैं साठ साल का हूं। मेरी जिंदगी काफी एक्साइटिंग रही है। मेरा करियर तीन महाद्वीपों में फैला रहा है, जिसमें भारत, अमेरिका और खासकर इटली शामिल हैं। इस सफर के लिए खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं।
आपका जन्म आजादी से एक साल पहले हुआ था। बचपन में स्वतंत्रता संग्राम की किन कहानियों को सुनते हुए बड़े हुए?
मेरे माता-पिता दोनों स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े थे। पिता मूल रूप से कम्युनिस्ट थे, जबकि मां महात्मा गांधी की अनुयायी थीं। महात्मा गांधी ने मेरी मां को चुनकर उनसे एक सत्याग्रह करवाया हमारे गृह नगर डेरा बाबा नानक में। हमारे घर में कई स्वतंत्रता सेनानी आया करते थे, कहानियां बताई जाती थीं कि उन्हें किस प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन देश विभाजन के बाद परिवार भारत आया, कुछ साल कश्मीर में गुजारे। उसके बाद दिल्ली में रहे। मैं नैनीताल में पढ़ा। परिवार में समाज की भलाई का माहौल रहा।
आपके शो संदूकन को भी 50 साल हो रहे हैं। लगा था कि जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी?
नहीं। उस वक्त उम्मीद थी कि सफल हो, लेकिन यह अनुमान नहीं लगा सकता था कि कितनी बड़ी सफलता मिलेगी। इस सफलता ने मुझे यूरोप में स्टार बना दिया था। यूरोप में सफलता के साथ मुझे शक्ति मिली कि हॉलीवुड जाकर वहां क्या कर सकता हूं। वहां पर मैंने जेम्स बॉन्ड की फिल्म ऑक्टोपसी (1983 James Bond film Octopussy) की, बोल्ड एंड ब्यूटीफुल सीरीज की। कई इटेलियन फिल्म और सीरीज की। इटली ने मुझे वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया। मैं 25 साल हिंदुस्तान से बाहर रहा, लेकिन आता जाता रहा। अच्छी बात यह रही कि मैं राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय करियर भी बना पाया। यह अब भी कायम है। पिछले साल मैंने पांच प्रोजेक्ट किए हैं।
यह पांच प्रोजेक्ट क्या हैं?
इनमें इटेलियन, कनेडियन, हिंदी, कन्नड़ फिल्म और एक अमेजन की वेब सीरीज तीन कव्वे शामिल है। कनेडियन फिल्म सिख सैनिकों के बारे में है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में लड़ाई लड़ी थी। हाल ही में मैं लंदन से लौटा, जहां मैंने यूएस वर्सेस राज की शूटिंग की। कमाल की कहानी है, जिसमें भारतीय डॉक्टर को अमेरिकी एजेंसी एफबीआई आरोपी बना देती है। यह ऐसे आरोप थे, जिसमें बीस साल की सजा हो सकती थी। फिर भी यह आदमी समझौता करने को तैयार नहीं होता। बाद में वह बाइज्जत बरी हुआ।
इसमें मेरी पत्नी की भूमिका में शबाना आजमी हैं। यह ब्रिटिश फिल्म है। प्रख्यात सिनेमेटोग्राफर रवि चंद्रन इसके निर्देशक हैं। इसके अलावा डिटेक्टिव शांताराम फिल्म आधुनिक राजा की कहानी है, जो 70 साल का है। वह एकमात्र आदमी है जो जानता है कि रियासत का खजाना कहां है। उसको डिमेंशिया हो जाता है। फिल्म में सनी कौशल और निम्रत कौर अहम भूमिकाओं में हैं। मैं इसमें राजा की भूमिका में हूं। यह एक-दो महीने में रिलीज होगी।
आपकी जिंदगी पर बायोपिक बनें तो किस कलाकार को देखना चाहेंगे?
(हंसते हैं) इस सवाल का जवाब मैं नहीं दे सकता। अगर कोई मेरी बायोपिक बनाए तो यह निर्माता पर निर्भर करता है। मैं किसी कलाकार का नाम नहीं लूंगा। पर हां मुझे अपनी बायोपिक पर कोई आपत्ति नहीं है। मुझे ऑफर मिले हैं और मैं उस पर अपने फैसले भी ले रहा हूं। मेरी जिंदगी की कहानी दिलचस्प है। एक दिल्ली का लड़का इंटरनेशनल कलाकार बना, जिसने सफलता के साथ संघर्ष भी देखा। मैंने अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलकर बात की है। उसे देश विदेश में काफी पसंद किया गया है।
आपकी फैन फालोइंग से जुड़ा कोई किस्सा याद है?
जब स्पेन में मुझे सफलता मिली थी। वहां एक कार्यक्रम में बहुत सारे लोग जमा हुए थे। फैंस चिल्ला रहे थे। एक ने कहा कि मैं तुम्हारा बच्चा चाहती हूं। (हंसते हैं) इसे सबने सुना। बाद में हर स्पेनिश अखबार में यह खबर बनी कि एक लड़की कबीर बेदी से बच्चा चाहती है। यह भूल नहीं सकता।


