ईरान के हमलों के बीच UAE ने मांगी थी मदद, इजरायल के आयरन डोम ने बचाया
ईरान अमेरिका युद्ध के बीच जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भी हमले होने लगे, तो उन दिनों इजरायल ने अपना मशहूर आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भेजा था।
इस बात का खुलासा अमेरिकी न्यूज चैनल एक्सियोस ने किया है। इस मामले की जानकारी रखने वाले इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस जानकारी को बताया।
उनकी रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ आयरन डोम ही नहीं, यरुशलम ने इस एयर डिफेंस सिस्टम को चलाने के लिए सैनिक भी भेजे थे। यह सिस्टम छोटी दूरी के रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को रोकने के लिए मशहूर है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध के दौरान ईरान ने आस-पास के देशों में भी हमले करने शुरू कर दिए थे।
इसमें ईरान लगातार UAE के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर रहा था। इस बीच UAE ने अपने सहयोगियों से मदद मांगी थी। हालांकि, ज्यादातर हमलों को रोक दिया गया था, लेकिन कुछ हमले आम नागरिकों और सेना के ठिकानों पर हुए थे, जिसके बाद UAE के नेतृत्व ने मदद मांगी।
UAE के राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से मांगी मदद
इजरायल के अधिकारियों ने एक्सियोस को बताया कि, UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के साथ फोन पर बातचीत के बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली रक्षा बलों (IDF) को आयरन डोम बैटरी और इंटरसेप्टर के साथ-साथ IDF के कई दर्जन अधिकारियों को भेजने का आदेश दिया।
यह कदम अबू धाबी के लिए फायदेमंद साबित हुआ, जो ईरानी हमलों का मुख्य निशाना बन गया था। UAE ने इस एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करके दर्जनों ईरानी मिसाइलों को रोका। अबू धाबी के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने UAE पर 550 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों, और 2,200 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया था।
ईरान के हमलों ने UAE की आंखें खोली
रिपोर्ट के अनुसार, संकट के समय आयरन डोम की आपूर्ति ने UAE और इजरायल के रिश्तों को और गहरा कर दिया है। मालूम हो कि, यह पहली बार है जब इजरायल ने यह तकनीक किसी दूसरे देश को भेजी है।
अब अमेरिका और इजरायल के अलावा UAE ही एकमात्र ऐसा देश है, जिसने आयरन डोम बैटरी का इस्तेमाल किया है। दोनों देशों के अधिकारियों ने बताया कि, ईरान के साथ युद्ध के दौरान UAE और इजरायल एक-दूसरे के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए थे।
अरब गल्फ स्टेट्स इंस्टीट्यूट (AGSI) के लिए लिखे एक लेख में, UAE के पूर्व सुरक्षा अधिकारी तारेक अल-ओतैबा ने इजरायल की तारीफ करते हुए कहा, “इस देश ने अबू धाबी को असली मदद देने के लिए आगे बढ़कर कदम उठाया है। UAE उस मुश्किल घड़ी में इजरायल की ओर से की गई मदद को नहीं भूलेगा।”
एक दूसरे अधिकारी ने भी अन्य देशों, जिनमें US, UK, फ्रांस, इटली और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। उनकी तारीफ की, जिन्होंने ईरान के लगातार हमलों के दौरान अबू धाबी को अपना बचाव करने में मदद की। अधिकारी ने आगे कहा, “यह सचमुच आंखें खोलने वाला पल था। यह देखने के लिए कि हमारे असली दोस्त कौन हैं।”
ट्रंप ने एक बार फिर दी चेतावनी
इसके अलावा मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच, ट्रंप की चेतावनी का जवाब ईरान ने दिया है। उनका कहना है कि, अगर अमेरिका ने उनके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरान के उपराष्ट्रपति ने यह चेतावनी दी है। बता दें कि, यह चेतावनी उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों के बाद दी है, जिनमें उन्होंने तेहरान के ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ाने की बात कही थी।
सघाब ने रविवार को X पर लिखा, “अगर किसी नाकाबंदी के कारण हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर का कोई भी हिस्सा। जिसमें तेल के कुएं भी शामिल हैं, क्षतिग्रस्त होता है, तो हम गारंटी देते हैं कि हमलावर का समर्थन करने वाले देशों के उसी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर को उससे चार गुना ज़्यादा नुकसान पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हमारा हिसाब-किताब अलग है; एक तेल का कुआं, चार तेल के कुंओं के बराबर है।”
यह बयान ट्रंप के उस इंटरव्यू के बाद आया, जो उन्होंने Fox News को दिया था। उस इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने से, तेल को स्टोरेज या टैंकरों तक पहुंचाने की उसकी क्षमता बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की पाबंदियां जारी रहीं, तो ईरान की पाइपलाइनें लगभग तीन दिनों के भीतर एक बेहद नाज़ुक स्थिति में पहुंच सकती हैं।
